देहरादून की ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी से एमटेक कर रहे अल्मोड़ा के दो भाइयों युवराज जोशी और यथार्थ जोशी की टीम ने लुगदी (रद्दी कागज और गत्ते की पेटियों) से दुनिया की सबसे बड़ी गेंद बनाने का दावा किया है। इस 24 सदस्यीय टीम का नेतृत्व ग्राफिक एरा हिल विवि के भौतिक विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डा. विजय कुमार ने किया था।
टीम ने इस उपलब्धि को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन कर दिया है। इस गेंद की जांच को आज इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम देहरादून पहुंच रही है। इस गेंद का वजन 500 किलो से अधिक, ऊंचाई 10.4 फुट और व्यास 33.8 फुट है। तल्ला जोशी खोला निवासी रजनीकांत जोशी और चंपा जोशी के दोनों बेटे युवराज और यथार्थ ने बताया कि उन्होंने और ग्राफिक एरा विवि के 22 अन्य छात्र-छात्राओं ने 27 दिन में इस गेंद को बनाया है।
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सबसे बड़ी गेंद बनाने वाले युवराज जोशी और यथार्थ जोशी
उन्होंने बताया कि 2014 में यूएसए के मिनसोटा शहर में वहां के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने रद्दी कागज से 9.7 फुट ऊंची गेंद बनाई थी जिसका वजन 196 किलो और व्यास 32.25 फुट था। टीम ने गेंद को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए आवेदन किया है। आज मुंबई से इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम देहरादून पहुंच रही है।
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सबसे बड़ी गेंद बनाने वाले युवराज जोशी और यथार्थ जोशी
इंडिया वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हो जाने के बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज होने के लिए भेजा जाएगा। युवराज जोशी ने बताया कि विश्व रिकार्ड में दर्ज होने के बाद वह गेंद में प्रयुक्त कागज आदि को विवि में स्थापित रिसाइकल के लिए भेज देंगे। यह भी बता दें कि इन दोनों भाइयों ने इसी साल जून में लुगदी से महात्मा गांधी, सरदार पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और डॉ. एपीजे कलाम की विशाल प्रतिमाएं बनाकर नया रिकॉर्ड बनाया था। इसके लिए विवि की ओर से दोनों छात्रों को 51 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया था।
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सबसे बड़ी गेंद बनाने वाले युवराज जोशी और यथार्थ जोशी
छात्रों की यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत का नतीजा है। ग्राफिक एरा शुरू से ही अपने छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को नये रिकॉर्ड बनाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करता आया है।
-प्रो. डा. सुभाष गुप्ता, डायरेक्टर इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्राफिक ऐरा विवि, देहरादून।