{"_id":"5c7fbcd1bdec2213fa1f995b","slug":"women-s-day-2019-lady-folk-singer-basanti-bisht-struggle-story","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"बचपन में परिवार ने जिन्हें गाने से रोका आज दुनिया उनपर कर रही नाज, ऐसे तय किया पद्मश्री तक का सफर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बचपन में परिवार ने जिन्हें गाने से रोका आज दुनिया उनपर कर रही नाज, ऐसे तय किया पद्मश्री तक का सफर
महिला दिवस पर हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बता रहे हैं जिन्होंने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर ऐसा मुकाम हासिल किया कि आज दुनिया उनपर नाज कर रही है। इतना ही नहीं परिवार जिन्हें बचपन में गाने से रोकता था उसी संगीत में नाम कमाने के लिए उन्हें 2017 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
2 of 7
basanti bisht
- फोटो : file photo
हम बात कर रहे हैं उत्तराखंड निवासी 66 साल की पद्मश्री बसंती बिष्ट की। बसंती बिष्ट का जन्म उत्तराखंड के एक सीमांत गांव ल्वाणी में हुआ। यह गांव नंदा देवी राजजात यात्रा के मार्ग पर स्थित है। नंदा देवी को क्षेत्र के लोग अपनी बेटी की तरह पूजते हैं। इसलिए यहां वर्षों से नंदा देवी के जागर गायन की परंपरा विद्यमान है।
3 of 7
Basanti Bisht
- फोटो : AmarUjala
जागर गायन को मूलत: पुरुषों का कार्य माना जाता था। गांव और पहाड़ में महिलाओं के मंच पर जागर गाने की परंपरा नहीं थी। इसलिए बचपन में जब बसंती ने जागर गाने की अपनी इच्छा जाहिर की तो उनके खुद के परिवार ने उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
Basanti Bisht
- फोटो : AmarUjala
बसंती को बचपन से संगीत में रूचि थी लेकिन सामाजिक बेड़ियों के चलते के चलते उनकी यह हसरत पूरी नहीं हो सकी। लेकिन उन्होंने अपनी ये हसरत शादी के बाद पूरी की। उनके पति रणजीत सिंह ने उन्हें प्रोत्साहित किया। पति ने उन्हें गुनगुनाते हुए सुना तो विधिवत रूप से सीखने की सलाह दी। पहले तो बसंती तैयार नहीं हुई लेकिन पति के जोर देने पर उन्होंने सीखने का फैसला किया। हारमोनियम संभाला और विधिवत रूप से सीखने लगी।
विज्ञापन
5 of 7
कार्यक्रम में प्रस्तुति देती बसंती देवी
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखण्ड आन्दोलन के समय मुजफ्फरनगर, खटीमा और मसूरी गोलीकांड की पीड़ा को बसंती बिष्ट ने गीत में पिरोया और राज्य आंदोलन में कूद पड़ी। अपने लिखे गीतों के जरिये वह लोगों से राज्य आंदोलन को सशक्त करने का आह्वान करती। राज्य आंदोलन के तमाम मंचों पर वह लोगों के साथ गीत गाती। इससे उन्हें मंच पर खड़े होने का हौसला मिला।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।