कहर बनकर बरपी बारिश ने पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दिया। जब परिवार के सात लोगों की अर्थियां एक साथ उठीं तो हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया। हादसे में बची इकलौती बच्ची की हालत देख पूरा गांव फूट-फूट कर रोया।
जब घर से एक साथ उठीं सात अर्थियां, फूट-फूट कर रोया पूरा गांव, तस्वीरें देख आंखे भर आएंगी
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उत्तराखंड के टिहरी में भिलंगना ब्लॉक के कोट गांव में दूसरे दिन भी मातम पसरा रहा। आपदा में मृत सभी लोगों का गमगीन माहौल में धर्मगंगा के किनारे अंतिम संस्कार कर दिया गया। शवों को जैसे ही अंत्येष्टि के लिए ले जाया गया, गांव में कोहराम मच गया। महिलाएं शवों पर लिपट-लिपट कर रो पड़ीं।
गुरुवार को मुंबई में काम करने वाले उमा सिंह के पुत्र हुकम सिंह के गांव पहुंचते ही हर कोई रो पड़ा। हुकम सिंह का छोटा भाई राकेश इन दिनों विदेश में होने की वजह से परिजनों के अंतिम दर्शनों के लिए नहीं पहुंच पाया है। अपराह्न में मृतकों का धर्मगंगा किनारे सामूहिक दाह संस्कार किया गया। हुकम सिंह ने जैसे ही मुखाग्नि दी, वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक पड़ी।
कोट गांव में भूस्खलन की चपेट में आए परिवार के मुखिया उमा सिंह को बृहस्पतिवार देर शाम जिला प्रशासन की ओर से 13 लाख 57 हजार का चेक और राहत सामग्री वितरित की गई। डीएम सोनिका ने बताया कि मृतक परिवार के मुखिया उमा सिंह को उनके बेटे मोर सिंह, पुत्र वधू हंसदेई और पोते आशीष की मौत के मुआवजे के रूप में 12 लाख रुपये की धनराशि, गृह अनुदान के रूप में एक लाख 19 हजार और अन्य सामग्री के लिए 3800 रुपये का चेक एसडीएम घनसाली पीआर चौहान के माध्यम से दिया गया है। उन्होंने बताया कि राकेश सिंह और हुकम सिंह को भी जल्द ही मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाएगी।