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कंधे पर स्ट्रेचर रख 18 किमी पैदल चलकर ग्रामीणों ने मरीज को पहुंचाया अस्पताल, देखकर दिल पसीज जाएगा

Mon, 17 Dec 2018 07:24 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, गोपेश्वर Published by: Priyesh Mishra Updated Mon, 17 Dec 2018 07:24 PM IST
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Villagers carry patient on their back and walk 18 kilometers for admitted in hospital
मरीज को ले जाते ग्रामीण

यह दुर्भाग्य ही है कि मरीज को कमर पर ढोकर ले जाना पड़ रहा है। उत्तराखंड के चमोली जिले के सबसे दूरस्थ गांव डुमक के ग्रामीणों को सड़क सुविधा न होने पर मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए मीलों दूरी तय करनी पड़ रही है।



रविवार को एक व्यक्ति को लकवे की शिकायत होने पर ग्रामीणों ने लगभग 18 किलोमीटर पैदल चलकर उसे जिला अस्पताल तक पहुंचाया। डुमक गांव के ग्रामीण लंबे समय से अपने गांव को सड़क से जोड़ने की मांग उठा रहे हैं। 

Villagers carry patient on their back and walk 18 kilometers for admitted in hospital
मरीज को ले जाते ग्रामीण

वर्ष 2009 में शासन ने कुजौं-बेमरु-डुमक मोटर मार्ग के निर्माण की स्वीकृति दी। पीएमजीएसवाई पोखरी की ओर से सड़क निर्माण कार्य शुरु किया गया, लेकिन चट्टानी भाग होने के कारण सड़क निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है जिससे ग्रामीणों को गोपेश्वर-कुजौं-मैकोट सड़क से कुजौं गांव तक वाहन से और यहां से 18 किलोमीटर पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है। 

Villagers carry patient on their back and walk 18 kilometers for admitted in hospital
मरीज को ले जाते ग्रामीण

बता दें कि रविवार को डुमक गांव के 75 वर्षीय बाग सिंह अचानक लकवे का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए गांव के आयुर्वेदिक चिकित्सालय में भर्ती कराया। इसके बाद ग्रामीण उन्हें स्ट्रेचर के जरिए पैदल ही 18 किलोमीटर चलकर कुजौं गांव तक लाए। यहां से 13 किलोमीटर वाहन से ले जाकर मरीज को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। 

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Villagers carry patient on their back and walk 18 kilometers for admitted in hospital
मरीज को ले जाते ग्रामीण

सीएमओ डा. तृप्ति बहुगुणा ने कहा कि मरीज की हालत अब सामान्य है। ग्रामीण बहादुर सिंह और यशवंत सिंह भंडारी का कहना है कि डुमक गांव को सड़क से जोडने के लिए कई बार जिला मुख्यालय पर आंदोलन किए गए। 

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Villagers carry patient on their back and walk 18 kilometers for admitted in hospital
मरीज को ले जाते ग्रामीण

लेकिन शासन-प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वर्ष 2017 में गोपेश्वर पहुंचे सीएम त्रिवेंद्र रावत से भी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण करवाने की मांग उठाई गई। सीएम के आश्वासन के बावजूद भी सड़क का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है।  

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