गैंगस्टर विकास दुबे और उसके कई साथियों के एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस के ऑपरेशन क्लीन से अपराधियों में भगदड़ मच गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि जान बचाने के लिए यूपी के बदमाश उत्तराखंड का रुख कर सकते हैं। ऐसा इसलिए भी हो सकता है क्योंकि, यूपी के बदमाश पहले से ही उत्तराखंड को अपनी शरणस्थली बनाते रहे हैं। पुलिस अधिकारी भी इस बात से इनकार नहीं कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस अधिकारियों ने बॉर्डर पर सख्त चेकिंग करने के निर्देश जारी किए हैं।
2 of 6
कार सवार से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे का एनकाउंटर कर यूपी पुलिस ने बदमाशों की जमीन खिसका दी है। पड़ोसी जनपदों से मिल रही सूचनाओं के अनुसार, दुबे के एनकाउंटर के साथ ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में ऑपरेशन क्लीन की रफ्तार को तेज करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में यूपी के छोटे से बड़े बदमाशों को जान का डर सताने लगा है। वे दूसरे प्रदेशों में शरण लेने या फिर जमानत तुड़वाकर जेल जाने की जुगत में लगे हैं।
3 of 6
रुड़की बॉर्डर पर गाड़ी को रोकते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
इस लिहाज से उत्तराखंड भी बदमाशों के लिए मुफीद साबित हो सकता है। खासकर वेस्ट यूपी के बदमाशों के लिए उत्तराखंड सबसे माकूल शरणस्थली रहा है। माना जा रहा है कि बदमाश यूपी पुलिस से बचने को यहां आसानी से शरण ले सकते हैं। इस आशंका को देखते हुए यूपी पुलिस के ऑपरेशन क्लीन से उत्तराखंड पुलिस सतर्क हो गई है। साथ ही चेकिंग शुरू कर दी है।
4 of 6
रुड़की बॉर्डर पर चेकिंग
- फोटो : फाइल फोटो
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वेस्ट यूपी के कई बदमाशों के खिलाफ उत्तराखंड में कई मामले दर्ज हैं। ये बदमाश बेल पर बाहर चल रहे हैं, लेकिन अब ऑपरेशन क्लीन के चलते जमानत तुड़वाकर यहां की जेलों में सरकारी मेहमान बनने की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, वेस्ट यूपी के करीब 25 से 30 ऐसे बदमाश हैं, जिनके खिलाफ यहां आपराधिक मामले दर्ज हैं।
5 of 6
कुख्यात सुनील राठी
- फोटो : फाइल फोटो
यह भी जगजाहिर है कि वेस्ट यूपी के बदमाश सुनील राठी समेत कई के लिए प्रदेश की जेलें महफूज रही हैं। यहां की जेलों में रहकर भी इन्होेंने कई वारदात को अंजाम दिया है। हालांकि, वर्तमान में सुनील राठी तिहाड़ जेल में बंद और उसके कई गुर्गे या तो वेस्ट यूपी और पंजाब की जेलों में बंद हैं या फिर जमानत पर बाहर चल रहे हैं। वहीं, हरिद्वार पुलिस ने भी फरार चल रहे इनामियों को पकड़ने के लिए कमर कस ली है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश मिलते ही अधीनस्थों ने इनामियों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है। इनामियों की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस से भी सहयोग मांगा जा रहा है।