फूलों की घाटी में अतिवृष्टि के बाद गदेरों के उफान पर आने से अस्थाई पुल बह गया। इससे 163 पर्यटक घाटी में ही फंस गए। उन्हें एसडीआरएफ, घांघरिया पुलिस और वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाल लिया। उधर, घांघरिया के दूसरी तरफ पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पानी आ गया। हालांकि इससे किसी नुकसान की खबर नहीं है।
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बुधवार दोपहर फूलों की घाटी में बहने वाले गदेरे उफान पर आ गए। इस दौरान घाटी के गेट के समीप गदेरे पर बना अस्थाई पुल बह गया। सूचना पर एसडीआरएफ और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घाटी की रेंजर चेतना कांडपाल ने बताया कि घाटी में घूमने गए 163 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। सौ पर्यटक घटना से पहले ही घाटी से वापस आ गए थे।
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दूसरी तरफ घांघरिया के समीप पटोड़ी तोक में बादल फटने से पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पानी पुष्पावती नदी में आ गया।
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फूलों की घाटी में अतिवृष्टि के बाद पर्यटकों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
इससे कुछ देर हेमकुंड जा रहे तीर्थयात्रियों में अफरातफरी का माहौल रहा। यहां पास में ही हेलीपैड भी है। देर शाम एसडीएम जोशीमठ कुमकुम जोशी ने वहां बादल फटने की पुष्टि की। प्रशासन के अनुसार कुछ पानी घाटी की तरफ निकल गया और कुछ पहाड़ी की तरफ से बहने लगा। इसी के चलते वहां पानी के साथ मलबा भी आ गया।
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फूलों की घाटी में अतिवृष्टि के बाद पर्यटकों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
घाटी में कोई नुकसान नहीं हुआ है लेकिन अस्थाई पुल बह गया है। गदेरे का पानी कम होने पर ही अस्थाई पुल बनाया जाएगा। बृहस्पतिवार को मौसम और रास्तों की स्थिति को देखते हुए ही घाटी में पर्यटकों की आवाजाही को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
- नंदा बल्लभ शार्म, डीएफओ, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क।
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फूलों की घाटी में अतिवृष्टि के बाद पर्यटकों को बचाया
- फोटो : अमर उजाला
फूलों की घाटी क्षेत्र में पुल बहने पर पर्यटकों के फंसने की सूचना मिलने पर तत्काल एसडीआरएफ और घांघरिया थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची। घाटी की ओर फंसे पर्यटकों को रस्क्यू कर निकाल लिया गया है। क्षेत्र में अब स्थिति सामान्य है।
-श्वेता चौबे, एसपी, चमोली।
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फूलों की घाटी में अतिवृष्टि के बाद पर्यटकों को बचाया
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हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग सुचारु है। अस्थाई हेलीपेड कांजिला में लक्ष्मण गंगा के दूसरे छोर पर पहाड़ी से मलबा और बोल्डर नदी में गिरे हैं। इससे नदी का जलस्तर बढ़ गया था। अब स्थिति सामान्य है।
-सरदार सेवा सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक, गोविंदघाट गुरुद्वारा, चमोली।