नैनीताल में कोटाबाग के ग्राम पंचायत ओखलढूंगा में बादल फटने की घटना से लगभग 50 परिवारों के घरों और गौशाला में पानी और मलबा घुस गया। प्रभावित परिवारों को ग्रामीणों की मदद से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओखलढुंगा में विस्थापित किया गया है
पूर्व विधायक प्रतिनिधि नैनीताल कृपाल बिष्ट ने बताया कि ग्रामीणों की पूरी फसल नष्ट हो गई है। वहीं रामनगर से 25 किमी दूर कालाढूंगी तहसील के पाटकोट-भलोन के बीच का नाला उफान में आ गया। दूसरी तरफ पिथौरागढ़ में सुबह बारिश जारी है। चीन सीमा को जोड़ने वाला धापा- मिलम मोटर मार्ग धापा के समीप बोल्डर मलबा गिरने से बंद हो गया है। लिपुलेख सड़क पहले से बंद है। जिले में 18 से अधिक सड़कों पर मलबा आया है।
ग्राम प्रधान प्रति चौरसिया और क्षेत्र पंचायत सदस्य नंदन चौधरी ग्रामीण हीरा भंडारी,गणेश पटवाल,मोहन चौरसिया, मोहन जोशी आदि ने प्रशासन से किसानों की फसल के नुकसान का सर्वे करवाकर उचित मुआवजा और डोन नाले में तटबंध बनाने की मांग की है।
2 of 5
नैनीताल
- फोटो : amar ujala
मौसम विज्ञान केंद्र ने पूरे प्रदेश के लिए तेज बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। जबकि देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर जिले के अधिकतर इलाकों में तेज बारिश होने की अधिक आशंका जताई है।
3 of 5
सड़कें बंद
- फोटो : amar ujala
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि पांच अगस्त तक प्रदेश भर के सभी इलाकों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि पांच अगस्त के बाद भी पूरे राज्य में अच्छी बारिश होने के आसार हैं।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Weather: आज पांच जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, प्रदेश में 10 स्टेट हाईवे समेत 167 सड़कें बंद
4 of 5
घर के ऊपर गिरा बोल्डर मलबा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
प्रदेश में 10 स्टेट हाईवे समेत 167 सड़कें बंद हैं। प्रमुख अभियंता लोनिवि दीपक यादव ने बताया कि एक दिन पहले से 151 सड़कें बंद थीं, 658 सड़कें मंगलवार को बंद हुईं।
5 of 5
घरों में घुसा मलबा
- फोटो : amar ujala
इस तरह से कुल 219 बंद सड़कों में से देर शाम तक 52 सड़कों को खोल दिया गया था। बंद सड़कों में छह मुख्य जिला मार्ग, तीन जिला मार्ग, 75 ग्रामीण सड़कें और 73 पीएमजीएसवाई की सड़कें शामिल हैं।