प्रदेश के चार बड़े कॉलेजों में छात्राओं ने अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। शनिवार को प्रदेश में 123 कॉलेजों में एक साथ छात्रसंघ चुनाव हुए। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर सभी जगह हालात सामान्य दिखे। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में रश्मि लमगड़िया ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कौशल बिरखानी को भारी मतों के अंतर से हराया है।
Uttarakhand Student Union Election: प्रदेश के चार बड़े कॉलेजों में पहली बार छात्राएं बनीं अध्यक्ष, बना इतिहास
हल्द्वानी: हाइवे पर छात्रों का हंगामा, पुलिस ने कई बार खदेड़ा
हल्द्वानी में छात्रसंघ चुनाव के दौरान दो गुटों के समर्थक एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते हुए आमने-सामने आ गए। नैनीताल हाइवे पर दिन भर जमकर हंगामा हुआ। तनातनी का माहौल बना तो पुलिस ने लाठियां फटकार छात्रों को कई बार खदेड़ा। सुबह करीब 11:30 बजे डिग्री कॉलेज के गेट के पास नैनीताल रोड पर अध्यक्ष पद की निर्दलीय प्रत्याशी रश्मि लमगड़िया के समर्थक प्रचार-प्रसार कर रहे थे। तभी सामने से दूसरे प्रत्याशी के समर्थक पहुंचे। अपने प्रत्याशियों के समर्थन में नारेबाजी के बीच दोनों पक्षों में झड़प हो गई।
रुद्रप्रयाग: पीजी कॉलेज अगस्त्यमुनि में 11 साल बाद एबीवीपी का कब्जा
पीज कॉलेज अगस्त्यमुनि में 11 वर्ष बाद अखिल भारती विद्यार्थी परिषद ने सभी पदों पर जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद पर सौरभ भट्ट, महासचिव पद पर अनिकेत सिंह, कोषाध्यक्ष पद पर सोनम रावत और विवि प्रतिनिधि पद पर संतोष त्रिवेदी विजयी रहे। उपाध्यक्ष पद पर आशुतोष व सह सचिव पद पर सुनील कुमार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए गए थे। प्राचार्य डॉ. पुष्पा नेगी ने अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाई।
ऋषिकेश: अध्यक्ष पद पर एनएसयूूआई ने लहराया परचम
पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय ऋषिकेश परिसर के छात्रसंघ चुुनाव में अध्यक्ष पद पर एनएसयूूआई की प्रत्याशी साक्षी तिवारी ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी एबीवीपी के ऋतिक पाठक को 126 वोट से हरा दिया। वहीं विश्वविद्यालय प्रतिनिधि (यूआर) पद पर वंदे मातरम ग्रुप के अभय वर्मा ने जीत दर्ज की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी एबीवीपी के आकाश उनियाल को 587 वोट से हरा दिया।
रुड़की: अध्यक्ष समेत चार पदों पर एनएसयूआई का कब्जा
छात्रसंघ चुनाव में केएल डीएवी पीजी कॉलेज में अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के ऋतिक ने कब्जा कर लिया। उपाध्यक्ष, महासचिव, संयुक्त सचिव और विवि प्रतिनिधि पद पर भी एनएसयूआई समर्थित प्रत्याशियों ने ही विजय हासिल की। एबीवीपी को केवल कोषाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा। वहीं बीएएसएफ समर्थित प्रत्याशी खाता भी नहीं खोल पाए।
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