सड़क पर भीख मांग रहे बच्चों के लिए उत्तराखंड पुलिस इस नेक काम में जुट गई है। उनके इस प्रयास के बारे में जानकर आप भी सलाम करेंगे।
पुलिस सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले बच्चों का जीवन संवारने की कवायद में जुट गई है। प्रदेश के चार मैदानी जिलों में 15 दिन के अभियान में 393 बच्चों को पकड़ा गया है। इनमें 216 बालक और 177 बालिकाएं शामिल हैं। इन बच्चों का देहरादून, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में स्वयं सेवी संस्थाओं की मदद से स्कूलों में दाखिल कराया जा रहा है।
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पुलिस
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अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था अशोक कुमार के मुताबिक एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग द्वारा प्रदेश के देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में चौराहों, बाजार, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों पर भीख मांगने वाले बच्चों को पकड़ने के लिए 11 दिसंबर से लेकर 25 दिसंबर तक विशेष अभियान चलाया गया था।
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सांकेतिक चित्र
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ऐसे 393 बच्चों को बाल गृह भेजा गया था। इनमें सबसे ज्यादा 193 बच्चे ऊधमसिंह नगर से पकडे़ गए थे। बच्चों के परिजनों को हिदायत दी गई कि यदि उनसे भीख मंगवाई गई तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देहरादून में चार और ऊधमसिंह नगर में 21 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया गया।
नैनीताल में 35 बच्चों को डे केयर होम धरोहर के सुपुर्द किया गया, जहां पर संस्था द्वारा बच्चों को तीन माह तक भोजन, आवास और शिक्षा की व्यवस्था की जाती है। पुलिस अभियान में चाइल्ड हेल्प लाइन, सीडब्लूसी, आशा ट्रस्ट देहरादून, धरोहर स्वयं सेवी संस्था, कुमायूं सेवा समिति का योगदान रहा।