वेब सीरीज तांडव के जरिए हिंदू धर्म के लोगों की भावनाओं को आहत करने के आरोपों के बीच वेब सीरीज 'तांडव' के निर्देशक अली अब्बास जफर ने बयान जारी कर माफी मांगी है। मूलत: देहरादून निवासी निर्देशक अली अब्बास ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी वेब सीरीज की कहानी पूरी तरह काल्पनिक है।
2 of 5
- फोटो : अमर उजाला (file photo)
किसी भी घटना से इसकी तुलना पूरी तरह संयोग मात्र है। उनका इरादा किसी भी धर्म या समुदाय के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंचाने का नहीं था। उधर, हरिद्वार के संतों ने ‘तांडव’ को हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताकर इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
देहरादून में भी आक्रोशित हिंदू वाहिनी के लोगों ने तांडव पर रोक लगाने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। अली ने लिखा कि सोमवार को उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ बैठक कर जनता की ओर से मिल रही प्रतिक्रिया पर विस्तार से बात की। यह फिल्म एक काल्पनिक कहानी है और किसी व्यक्ति या घटना से इसकी समानता महज एक संयोग है।
4 of 5
ali abbas zafar
- फोटो : अमर उजाला (file photo)
कलाकारों या वेब सीरीज से जुड़े अन्य लोगों का मकसद किसी की भी भावनाओं को चोट पहुंचाना या किसी का अपमान करना नहीं था। वेब सीरीज से जुड़े सभी कलाकार अन्य लोग जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए बिना शर्त माफी मांगते हैं।
5 of 5
श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद
- फोटो : अमर उजाला (file photo)
कुछ खास लोगों का फिल्मी इंडस्ट्री में दबदबा है। ऐसे लोग हिंदू देवी-देवताओं और संतों का मजाक बनाते आ रहे हैं। वेब सीरीज तांडव निंदनीय है। वेब सीरीज के प्रसारण तक तत्काल रोक लगाई जाए। रोक नहीं लगने पर अखाड़ा परिषद के आह्वान पर संत समाज सड़कों पर उतरेगा।
- श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष अखाड़ा परिषद