हरियाणा की तर्ज पर वेतनमान समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मियों ने सचिवालय कूच किया।
राज्य में कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन ने हरियाणा की भांति वेतनमान का लाभ देने, एनएचएम में आउट सोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति प्रक्रिया को समाप्त कर राज्य एवं जिला स्वास्थ्य समिति से नियुक्तियां देने की मांग को लेकर सोमवार को सचिवालय कूच किया।
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संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी ने बताया कि सरकार को जगाने के लिए संघ ने यह कार्यक्रम रखा है। उन्होंने कहा कि शासनस्तर से उनकी मांगों पर लंबे समय बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे एनएचएम कर्मियों में सरकार के प्रति कड़ा रोष बना हुआ है।
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एनएचएम कर्मियों ने सचिवालय कूच किया
- फोटो : अमर उजाला
सोमवार को प्रदर्शन से पहले एनएचएम संविदा कर्मी भारी संख्या में परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से उन्होंने सचिवालय कूच किया। हालांकि, पुलिस ने कुछ दूर पहले ही उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। जिसके बाद प्रदर्शन करने वाले कर्मी धरने पर बैठ गए।
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एनएचएम कर्मियों ने सचिवालय कूच किया
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एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष सुनील भंडारी ने कहा कि उन्हें एक माह का समय दिया गया था। लेकिन एक माह बाद भी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में गुस्सा है। उन्होंने कह कि इसी कारण हमें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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एनएचएम कर्मियों ने सचिवालय कूच किया
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इस दौरान पुरजोर कहा कि हरियाणा राज्य की तरह उत्तराखंड में भी एनएचएम कर्मियों को वेतनमान दिया जाए। मांग की गई कि एनएचएम में आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही भर्तियों को तत्काल रोका जाए।
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कहा कि वर्तमान में कार्यरत कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति या राज्य के माध्यम से भर्ती किया जाए। कूच में देहरादून सहित सभी जिलों के संगठन कार्यकर्ता पहुंचे। इनमें डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, नर्सिंग स्टाफ, डाटा एंट्री ऑपरेटर और कर्मचारी शामिल रहे।