उत्तराखंड में गुरुवार रात से ही बारिश का दौर जारी है। बारिश के बाद गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक भूस्खलन की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। वहीं, कई जगह नदी-नाले भी उफान पर हैं। नैनीताल में बनियानाले के पास पहाड़ी दरकने से रास्ता बंद हो गया है। वहीं, कोटद्वार में एक युवक नदी के उफान में बह गया।
कोटद्वार के चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर बरसाती नदी सिगड्डीस्रोत के उफान पर बहने के कारण सड़क का करीब सौ मीटर हिस्सा बह गया है। सड़क नदी में तब्दील होने से इस मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।
Uttarakhand Weather: भारी बारिश का अलर्ट जारी, कोटद्वार में एक युवक बहा, बनियानाले में पहाड़ी दरकी
लालढांग होते हुए हरिद्वार और देहरादून जाने वाले वाहन अब यूपी के नजीबाबाद और नहर वाले रास्ते से आवाजाही कर रहे हैं। जीएमओयू की ओर से भी चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
कोटद्वार-सनेह-पाखरो मार्ग पर पड़ने वाली कोल्हू नदी के उफान पर बहने से शुक्रवार को यहां आवाजाही बाधित रही। यह मार्ग कोटद्वार से यूपी के निकटवर्ती नगीना तहसील के गांवों के लोगों का एकमात्र संपर्क मार्ग है। नदी के उफान पर बहने से दूध और सब्जी लाने ले जाने वाले आरपार नहीं जा सके।
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कोटद्वार में सड़क का हिस्सा बहा
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, शुक्रवार सुबह चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर पड़ने वाली सिगड्डीस्रोत नदी के अचानक उफनाने से उसमें एक बाइक सवार युवक बह गया। वह दूध बेचने का काम करता था। युवक का शव घटनास्थल से करीब चार किमी दूर नदी में उत्तर प्रदेश की सीमा से बरामद हुआ। यूपी के बिजनौर जिले की मंडावली थाना पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिजनौर भेज दिया है।
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बनियानाले के पास पहाड़ी दरकी
- फोटो : अमर उजाला
बृहस्पतिवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के चलते नैनीताल में रईस होटल क्षेत्र में जीआईसी के मैदान से लगी पहाड़ी का बड़ा हिस्सा दरककर बलियानाले में समा गया। हल्द्वानी-भवाली-कर्णप्रयाग हाईवे पर वीरभट्टी में बैली ब्रिज के पास भूस्खलन होने से मार्ग बंद हो गया है। हल्द्वानी-भीमताल-भवाली-रानीखेत मार्ग की तरह ही हल्द्वानी-ज्योलीकोट-भवाली-रानीखेत मोटर मार्ग भी कुमाऊं के पर्वतीय जिलों को जोड़ने वाली लाइफ लाइन है। इस मार्ग के बंद होने से रसद, गैस सिलिंडर और अन्य सामग्री की पहाड़ों के लिए सप्लाई में दिक्कतें आ सकती हैं।
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पहाड़ी दरकने पर जान बचाकर भागे लोग
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, नैनीताल में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नैनीझील का जलस्तर 11 फीट साढ़े छह इंच पहुंच गया है। जिले के दो मोटर मार्ग मलबे से बंद हैं। रामनगर के क्यारी में एक होटल में सफारी के लिए पर्यटकों को लेने जा रही जिप्सी खिचड़ी नदी में बह गई। चालक ने जिप्सी के कूदकर जान बचाई। बाद में ग्रामीणों ने ट्रैक्टर की मदद से जिप्सी को बाहर निकाला।
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कैंपटी फॉल में भरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
कैंपटी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण फॉल और झील में पानी बढ़ गया है। इसको देखते हुए पर्यटकों की आवाजाही पर पुलिस ने पूरी तरह से रोक लगा दी है। झील में बड़े पैमाने पर मलबा भी आ गया है। क्षेत्र में जमकर हुई बारिश से कैंपटी फॉल में और झील में भारी मात्रा में पत्थर, रेत-बजरी आई।