एक तरफ देश महामारी से जूझ रहा है और कई लोगों को एक वक्त का खाना नहीं मिल पा रहा है, लेकिन कुछ लोग इसकी आड़ में राशन की कालाबाजारी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रुड़की में खुफिया विभाग की सूचना पर एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने रविवार सुबह मंडी समिति में छापा मारकर राशन के 35 कट्टों से भरा टेंपो पकड़ लिया। वहीं, एक आढ़त के बाहर से भी 70 कट्टे बरामद हुए हैं।
मामला पकड़ में न आए, इसके लिए कालाबाजारी करने वालों ने इन कट्टों से सरकारी सील खोलकर ऊपर से बांध दिया था। एसडीएम के अनुसार, इनमें से करीब 80 कट्टे सरकारी हैं, लेकिन इन पर सील नहीं लगी है। मंडी और पूर्ति निरीक्षक को मामले की विस्तृत जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। पिछले कई दिनों से प्रशासन को राशन की कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं।
खुफिया विभाग कालाबाजारी करने वालों की धरपकड़ के लिए सक्रिय था। रविवार सुबह करीब छह बजे एलआईयू प्रभारी प्रदीप नेगी ने मंडी समिति में राशन से लदे एक टेंपो को पकड़ने के बाद एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान को सूचना दी। उन्होंने बताया कि टेंपो नन्हेड़ा से आया है, जिसमें 20 कट्टे गेहूं और 15 कट्टे चावल है। इनमें कुछ कट्टे सरकारी हैं, लेकिन उन पर सील नहीं थी।
इसके अलावा एक आढ़त के बाहर से भी 70 सरकारी कट्टों में भरा राशन बरामद किया गया। इन पर भी सरकारी सील नहीं लगी है। लिहाजा जांच होने तक इन्हें सीधे तौर पर कालाबाजारी के रूप में पुष्ट करना संभव नहीं है, लेकिन यह साफ है कि चालाकी से सरकारी राशन को मंडी में बेचने लाया गया था। मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं।
राशन की कालाबाजारी की शिकायतों के मद्देनजर एलआईयू प्रभारी प्रदीप नेगी तीन दिनों से सुबह मंडी की रेकी कर रहे थे। रविवार को उन्हें सफलता मिल गई। इस दौरान उन्होंने न केवल एक टेंपो को पकड़ा बल्कि एक स्कूटी पर कई बोरा राशन लादकर पहुंचे व्यक्ति को भी पकड़ लिया। टेंपो में भरा राशन नन्हेड़ा से लाया गया था। इसलिए एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने यहां स्थित दो राशन डीलरों के स्टॉक के भौतिक सत्यापन के आदेश दिए हैं।