मूल निवास, भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति की ओर से आज ऋषिकेश में स्वाभिमान महारैली निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में समिति के सदस्य एकत्रित हुए। इस दाैरान सरकार से मूल निवास, भू-कानून की मांग की। साथ ही प्रदेश में बढ़ते नशे के अपराध को दूर करने की भी मांग की।
महारैली आईडीपीएल से त्रिवेणीघाट तक निकाली गई। समिति संयोजक मोहित डिमरी ने कहा कि समिति लंबे समय से प्रदेश में सशक्त भू-कानून और मूल निवास की मांग कर रही है। सशक्त भू-कानून नहीं होने से उत्तराखंड की शांत वादियां अपराध का अड्डा बन गई हैं।
Uttarakhand Land Law: धामी सरकार का एक और बड़ा फैसला...इन सवाल-जवाब के साथ समझिए क्या है भू-कानून
2 of 5
भू-कानून को लेकर स्वाभिमान महारैली
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में ड्रग्स माफिया, भू-माफिया, खनन माफिया गोरखधंधे कर रहे हैं। इसलिए उत्तराखंड में भी हिमालयी राज्य हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर सशक्त भू-कानून लागू करने की जरूरत है।
3 of 5
भू-कानून को लेकर स्वाभिमान महारैली
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके अलावा प्रदेश में 1950 मूल निवासी लागू होना चाहिए। साथ ही समय-समय पर मूल और स्थाई निवासी का सर्वेक्षण होना जरूरी है।
4 of 5
भू-कानून को लेकर स्वाभिमान महारैली
- फोटो : अमर उजाला
कहा कि उत्तराखंड की जनता जल्द ही नहीं जागी तो भविष्य में प्रदेश दयनीय स्थिति में पहुंच सकता है। इसके लिए हम सबको मिलकर आवाज उठानी होगी।
5 of 5
भू-कानून
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एलान किया है कि उनकी सरकार वृहद भू-कानून लाने जा रही है। अगले साल बजट सत्र में कानून का प्रस्ताव लाया जाएगा। लेकिन समिति जल्द से जल्द भू कानून को लागू करने की मांग कर रही है।