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Harish Rawat: हरीश रावत का पुराना तरीका है दबाव बनाना, पहले भी कहा था- चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन फिर लड़े

Fri, 24 Dec 2021 12:26 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 24 Dec 2021 12:26 PM IST
सार

Uttarakhand Election 2022:

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uttarakhand election 2022 news: Harish Rawat old method is to create pressure
पूर्व सीएम हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि दबाव बनाना हरीश रावत का पुराना तरीका है। हरिद्वार में हरकी पैड़ी में भी हरीश रावत ने कहा था कि मैं चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ा। सोशल मीडिया में तैर रहे एक वीडियो में हरक ने हरीश रावत के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि मुझे लगता है कि हरीश रावत व उनके समर्थक शुरू से यह चाहते थे कि कांग्रेस मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करे। लेकिन प्रभारी देवेंद्र यादव व राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से बयान आया कि कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। मुझे लगता है कि कहीं न कहीं, कांग्रेस में विरोधी धड़ा इस बात को लेकर आक्रामक रहता है। हरीश रावत को लग रहा है कांग्रेस की सरकार आ गई तो पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। वह चुनाव से ठीक पहले इस तरह का दबाव बना रहे हैं। ये उनका पुराना तरीका है। हरक ने कहा कि मुझे याद है जब हरीश रावत प्रदेश अध्यक्ष थे। उन्होंने हरिद्वार हरकी पैड़ी में धरना दिया और कहा कि मैं इससे बाद कोई चुनाव नहीं लडूंगा। उसके बाद 2009 का लोकसभा चुनाव लड़े, 2014 में पत्नी को चुनाव लड़ाया और केंद्र में मंत्री व मुख्यमंत्री रहे।

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गणेश गोदियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

वहीं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के ट्वीट से मचे सियासी बवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि हाईकमान ने सभी वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाया है। वह गारंटी के साथ कहते हैं कि एक-दो दिन में इसकी सुखद परिणति होगी। हालांकि ट्वीट के बाद उपजे सवालों में कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का दर्द भी छलक उठा। उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस संगठन को दुरुस्त करने की जरूरत है। बकौल गोदियाल, संगठन उन्हें विरासत में मिला, उनके अलावा वहां कोई बदलाव नहीं हुआ। हरीश रावत के व्यथित होने के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि पार्टी में कुछ लोग होते हैं, जिनकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी की तरफ न होकर व्यक्तियों की तरफ होती है। मैंने महसूस किया कि हरीश रावत इन बातों से आहत थे। 

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गणेश गोदियाल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

हरीश रावत की पोस्ट को पार्टी की गुटबाजी और उनकी नाराजगी से जोड़कर देखे जाने के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि इस पोस्ट का गुटबाजी से आशय नहीं निकाला जाना चाहिए। कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। अलबत्ता उन्होंने स्वीकारा कि संगठन को दुरुस्त करने की जरूरत है। गोदियाल ने कहा कि उन्हें अध्यक्ष पद पर साढ़े चार महीने हो चुके हैं। उन्हें संगठन विरासत में मिला। संगठन में उनके अलावा कोई बदलाव नहीं हुआ। सिर्फ प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर वह एक नए व्यक्ति के तौर पर संगठन में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन उन दिक्कतों को अपने आप ठीक करने की आवश्यकता होती है। किसी को इस नजर से नहीं देखना है कि किस व्यक्ति की निष्ठा किस व्यक्ति की तरफ है। वह संगठन को इस नजर से देखते हैं कि सबकी निष्ठा कांग्रेस पार्टी की तरफ है।

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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

कहा कि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने सबको समय दिया, लेकिन कुछ लोग होते हैं जिनकी निष्ठा पार्टी की तरफ न होकर व्यक्ति की तरफ होती है। उन्होंने कई बार महसूस किया कि रावत जी इन बातों से आहत थे। संगठन में बदलाव के सवाल पर गोदियाल ने कहा कि जब उन्होंने कमान संभाली तो संगठन में कोई बदलाव नहीं किया। पूरा समय दिया। एक महीने पहले संगठन में बदलाव करने के लिए प्रस्ताव हाईकमान को भेजा। वहां भी उन पर काम चल रहा है। हरेक व्यक्ति के काम करने का अलग तरीका होता है। देवेंद्र यादव हमारे प्रभारी हैं। हो सकता है कि जो प्रस्ताव भेजे हैं, उनके आधार पर वे लोगों को समझा रहे हों। ठीक करने का अवसर दे रहे हों।

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केदारनाथ में हरीश रावत - फोटो : Twitter @harishrawatcmuk

गोदियाल ने कहा कि हरीश रावत ने जो बातें लिखीं, उन्हें ठीक कर लिया जाएगा। इस बात में कोई विवाद नहीं कांग्रेस ही नहीं भाजपा में भी उनके कद का कोई नेता नहीं। उत्तराखंड के तमाम लोग उम्मीदों से देख रहे हैं। उनके पार्टी से अलग होने की तो चर्चा भी नहीं होनी चाहिए। अतीत में विपरीत से विपरीत परिस्थितियां थी, तब उनके मन में ऐसा कोई विचार नहीं आया। 2002 में उनके अदम्य साहस और मेहनत के दम पर सरकार आई। तब नारायण दत्त तिवारी आ गए, जबकि बहुमत हरीश रावत के साथ था। तब उनके मन में विचार नहीं आया। हरीश रावत ट्वीट प्रकरण में पार्टी अध्यक्ष गणेश गोदियाल खुलकर हरीश रावत के पक्ष में आ गए हैं। गोदियाल ने हरीश रावत का समर्थन करते हुए कहा कि वह कांग्रेस का मुख्य चेहरा हैं। उनको नाराज करके हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं।

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