उत्तराखंड में करीब चार साल तक सत्ता के शीर्ष पर काबिज रहे त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आज सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शाम करीब चार बजकर बीस मिनट पर राजभवन पहुंचकर राज्यपाल बेबी रानी मोर्य को इस्तीफा सौंप दिया। चलिए आपको बताते हैं वे संघ के प्रचारक से सीएम की कुर्सी तक कैसे पहुंचे।
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त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
त्रिवेंद्र सिंह रावत का राजनीतिक सफर 1979 में शुरू हुआ था। इसी वर्ष त्रिवेंद्र सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। 1981 में उन्होंने संघ के प्रचारक के रूप में काम करने का संकल्प लिया।
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1985 में त्रिवेंद्र सिंह रावत देहरादून महानगर के प्रचारक बने। इसके बाद 1993 में वे भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री बने। इस दौरान वे पार्टी में अहम भूमिका में रहे। इसके बाद 1997 में त्रिवेंद्र सिंह रावत भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री बने। साल 2002 में वे दोबारा भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री बने। 2002 में उन्होंने डोईवाला विधानसभा से चुनाव लड़ा।
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त्रिवेंद्र सिंह रावत
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
उन्होंने विधानसभा चुनाव में डोईवाला सीट से जीत हासिल की थी। 2007 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में वे विजयी हुए।
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त्रिवेंद्र सिंह रावत
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भारतीय जनता पार्टी के मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। 2017 में डोईवाला विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से उत्तराखंड विधान सभा के लिए भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए। इसके बाद 17 मार्च 2017 को उन्हें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कमान सौंपी गई।