तपोवन सुरंग के अंदर फंसे करीब 35 लोगों तक पहुंचने के लिए रेस्क्यू टीमों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सुरंग की विकट परिस्थितियों के आगे तमाम प्रयास औैर व्यवस्था बौनी साबित हो रही है। लेकिन एनडीआरएफ के जवान अब भी सुरंग के अंदर से लोगों को बचाने के लिए डटे हैं।
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चमोली में सुरंग में जाने का रास्ता बनाते जवान
- फोटो : अमर उजाला
परियोजना की निर्माणाधीन सुरंग में ऑक्सीजन की कमी के चलते भी दिक्कतें आ रही हैं। इसे देखते हुए एनडीआरएफ की ओर से 25 ऑक्सीजन सिलिंडरों की व्यवस्था भी कर दी गई है। इसके साथ ही एनडीआरएफ वहां फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए ड्रोन कैमरे का भी सहारा ले रहे हैं।
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सुरंग के अंदर रास्ता बनाते जवान
- फोटो : ANI
1800 मीटर लंबी सुरंग के अंदर अभी भी टनों मलबे के ढेर लगे हैं, लेकिन मलबे को हटाने में एकमात्र जेसीबी लगी है, जो तीन दिनों में लगभग 130 मीटर में फैले मलबे को ही हटा पाई है।
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सुरंग के अंदर रास्ता बनाते जवान
- फोटो : ANI
सुरंग के बाहर सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन औैर पुलिस के जवान भारी संख्या में मौजूद हैं, लेकिन सुरंग के अंदर की विकट परिस्थितियों के कारण पूरी मैन पावर औैर मशीनरी का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यहां हटाने के बाद भी मलबा आता जा रहा है।
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सुरंग के अंदर रास्ता बनाते जवान
- फोटो : ANI
तख्तों के सहारे आवाजाही करने में भी मुश्किल हो रही है। सोमवार रात को सुरंग के अंदर मलबा हटाने के दौरान सुरंग के दोनों ओर बिछाई गई सरिया को आईटीबीपी के जवानों ने कटर मशीन से काटा, जिसके बाद फिर से मलबा हटाने का काम शुरू हुआ।