पौड़ी जिले के कोटद्वार बीरोंखाल सिमड़ी में मंगलवार देर शाम हुए बस हादसे में वाहन चालक समेत 33 बरातियों की मौत हो गई जबकि 19 लोग घायल हो गए। बुधवार देर शाम तक सिमड़ी में पूर्वी नयार नदी की खाई (200 मीटर खाई) से पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवानों ने 31 शव निकाले।
संदीप की बरात जाने के दिन मंगलवार को लालढांग गांव में दो और भी शादी समारोह थे। पूजा की ऋषिकेश से बरात आनी और राहुल की शादी की रिसेप्शन पार्टी थी। दो समारोह होने से गांव के कई लोग संदीप की बरात में नहीं जा सके। बस हादसे के बाद बरात में शामिल नहीं हो पाने वाले ग्रामीण सोचकर ही दहशत में हैं।
गांव में मातम के बीच पूजा की बरात में गिनती के लोग आए। शादी की रस्म अदायगी कर दुल्हन लेकर गए। राहुल की रिसेप्शन पार्टी में भी गिनती के लोग पहुंचे। लालढांग निवासी संदीप के बरात की बस दुर्घटना से उत्तराखंड शोक में डूबा है। चालक की लापरवाही से बस में सवार 33 लोग अकाल मौत के मुंह में समा गए। बस की कमानी का पट्टा खराब था।
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परिजनों को ढांढस बंधाने पहुंचे पूर्व मंत्री हरक सिंह और उनकी बहू अनुकृति गुसांई
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चालक जुगाड़ कर बरातियों से भरी ओवरलोड बस को पौड़ी जिले के कांडा गांव ले जा रहा था। दुल्हन के घर पहुंचने से पहले सिमडी बैंड के पास कमानी का पट्टा टूट गया और बस खाई में समा गई। हादसे की खबर मिलते ही संदीप के गांव लालढांग में कोहराम मच गया।
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हादसे में अपनों को खोने के बाद रोते-बिलखते परिजन।
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गुरुवार को गांव में मृतकों के शव पहुंचने पर ग्रामीणों का जमावड़ा लगा रहा। आसपास के गांव के लोग भी जुटे। हर किसी की जुबान पर उसी दिन गांव की दो शादियों का जिक्र रहा। मंगलवार चार अक्तूबर को संदीप के पड़ोस में राकेश काला की बेटी पूजा की शादी थी।
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उत्तराखंड में बस हादसा
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पूजा की बरात ऋषिकेश से आनी थी। जबकि गांव में रिटायर्ड फोरेस्टर महिपाल रावत के बेटे राहुल रावत की शादी का रिसेप्शन था। राहुल की बरात कोटद्वार से आई थी। इन दो समारोह के चलते गांव के कई लोग संदीप की बरात में शामिल नहीं हो सके। संदीप की बरात के लिए बस के अलावा टैक्सी भी बुक थी। लेकिन गांव से बराती कम होने से एक ही बस में बरात दोपहर एक बजे दुल्हन लेने निकल गई थी।
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बस हादसा
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बस में सवार 51 लोगों में अधिकतर संदीप के नाते-रिश्तेदार थे। इनमें भी कई बच्चे-महिलाएं थी। ग्रामीण संजीत कुमार टोंक बताते हैं गांव में उस दिन दो समारोह नहीं होते तो गांव के अधिकतर लोग बरात में शामिल हो जाते। बड़े-बुजुर्गों के लिए बस और महिलाओं-बच्चों के लिए टैक्सी बुक थी।