दो साल पहले आज के दिन अंकिता भंडारी की हत्या के बाद पौड़ी क्षेत्र के वनंत्रा रिजॉर्ट के काले राज न्यायालय को 49 गवाह बता चुके हैं। एसआईटी ने अंकिता की हत्या के मुकदमे में कुल 100 गवाह बनाए थे। ऐसे में अभी फास्ट ट्रैक कोर्ट में बाकी 51 लोगों की गवाही बाकी है। रिजॉर्ट का मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर अंकित उर्फ पुलकित गुप्ता और सौरभ भाष्कर तीनों आरोपी कारागार में न्यायिक अभिरक्षा में बंद हैं।
अंकिता हत्याकांड: वारदात के दो साल... उलझे हैं कई सवाल...VIP का नाम अब भी राज, जानिए अब तक की पूरी कहानी
दोस्त की चैट आई थी सामने
हत्या के बाद जब राज खुले तो पता चला कि पुलकित आर्य अंकिता को भी रिजॉर्ट में आने वाले एक वीआईपी के हवाले करना चाहता है। एसआईटी की जांच में जब अंकिता और उसके दोस्त की चैट सामने आई तो और भी चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मालूम हुआ कि खुद पुलकित भी अंकिता पर बुरी नजर रखता था। उसने भी अंकिता के साथ छेड़खानी की थी। यह बात अंकिता ने अपने दोस्त पुष्प को व्हाट्सएप चैट में बताई थी। एसआईटी ने इस मामले में करीब दो माह तक विवेचना की और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। सरकार के आदेश पर मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रहा है।
अब भी जानना चाहते हैं लोग वीआईपी कौन है...
दरअसल, इस मामले में एसआईटी ने गहनता से विवेचना करने का दावा किया। यही कारण था कि एसआईटी ने दो चार नहीं बल्कि केस मजबूत करने के लिए 100 गवाहों को बनाया। इनमें से बहुत से गवाहों के मजिस्ट्रेटी बयान भी कराए गए। इस पूरे कांड का केंद्र रहे वीआईपी का आज तक पता नहीं चला। पुलिस की जांच और कुछ गवाहों की गवाही यह भी कहती है कि रिजॉर्ट में आने वाले मेहमान जो स्पेशल सर्विस चाहते थे उन्हें वीआईपी कहा जाता था। लेकिन, लोगों के यह बात गले नहीं उतर रही कि मेहमान को ही वीआईपी कहा जाता है। एसआईटी का दावा यह भी था कि यहां आने वाले लोगों की लिस्ट चेक की गई तो उसमें भी किसी नामचीन व्यक्ति का नाम नहीं मिला। ऐसे में अब भी यह यक्ष प्रश्न ही है कि आखिर वीआईपी कौन था?
- रिजॉर्ट के मालिक पुलकित ने 20 सितंबर 2022 को अंकिता के गुम होने की राजस्व क्षेत्र पट्टी उदयपुर पल्ला में शिकायत की।
- लोगों का प्रदर्शन शुरू हुआ तो 22 सितंबर 2022 को जिलाधिकारी के आदेश से यह मामला नियमित पुलिस लक्ष्मणझूला थाने को दिया गया।
- लक्ष्मण झूला पुलिस ने जांच की और पुलकित, अंकित और सौरभ से पूछताछ में पता चला कि उन्होंने 18 सितंबर को उसकी हत्या कर दी।
- हत्या का कारण यही आया कि तीनों उस पर अनैतिक कार्यों को करने का दबाव डाल रहे थे। राज बाहर न आए इसलिए उसे चीला नहर में धक्का दे दिया।
- 22 सितंबर को पुलिस ने मुकदमे से अपहरण की धारा हटाकर हत्या, साक्ष्य छुपाने और आपराधिक षडयंत्र की धारा जोड़ दी।
- 23 सितंबर को न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस दौरान भी लोगों ने उग्र प्रदर्शन किया।
कब क्या हुआ
- 24 सितंबर को अंकिता भंडारी का शव घटनास्थल से 13 किलोमीटर दूर चीला नहर बैराज इंटेक से बरामद किया गया।
- 24 सितंबर को ही अंकिता का एम्स ऋषिकेश के विशेषज्ञों की टीम ने पोस्टमार्टम किया।
- 24 सितंबर एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था के निर्देश मुकदमे की विवेचना के लिए डीआईजी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया।
- 26 सितंबर को तीनों आरोपियों को पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर क्राइम सीन दोहराया गया।
- विवेचना के दौरान आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम की धाराएं भी मुकदमे में जोड़ दी गईं।
- 16 दिसंबर को पुलकित, अंकित और सौरभ के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़खानी और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की गई।