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फड़ लगाने वाले की बेटी बनी उत्तराखंड बोर्ड टॉपर, पढ़िए कहानी

Wed, 27 May 2015 09:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 27 May 2015 09:19 AM IST
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फड़ लगाने वाले की बेटी बनी उत्तराखंड बोर्ड टॉपर, पढ़‌िए कहानी

uttarakhand 12th topper kajal photo story.

जूते-चप्पल की फड़ लगाने वाले रामपाल की बेटी काजल ने उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं कक्षा में प्रदेश टॉप किया तो घर में खुश‌ियों की लहर दौड़ गई। 95.20 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली इस छात्रा का कहना है परिवार की माली हालत के चलते उसने ट्यूशन नहीं लगाई।

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अधिक से अधिक समय वह पढ़ाई को दे सके इसके लिए वह फेसबुक और व्हाट्सएप से भी दूर रही। टेलीविजन भी वह समाचार देखने के लिए खोलती हैं। जब इतनी बड़ी खुशखबरी घर में म‌िली तो मां और मामी ने बेटी को गले लगा ल‌िया।

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ज्वालापुर (हरिद्वार) के मोहल्ला मालियान, गांधी मार्किट निवासी काजल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज सेक्टर-2 भेल की छात्रा है। उसके पिता अपने घर में जूते-चप्पल बनाकर साप्ताहिक बाजार बंदी के दौरान लगने वाली पीठ में बेचते हैं। इस काम में काजल एवं उसका बड़ा भाई भी पूरी मदद करते हैं।

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वह अपने पिता के काम को बिलकुल भी छोटा नहीं मानती, उसका कहना है जिस काम से परिवार का पेट पलता हो उस काम को सभी को रुचि से करना चाहिए। बेहद तंग गली में 15 बाई 8 के छोटे से मकान में रहने वाली काजल ने बताया कि छोटा घर होने के चलते जब उसे पढ़ाई में परेशानी हुई तो तीन महीने (जनवरी, फरवरी और मार्च) के लिए उसने एकांत में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई की। जब पढ़ाई का खर्चा बढ़ा तो मां अलका ने भी सिडकुल में नौकरी करनी शुरू की।

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उसके बाद स्कूल से आते ही वह कमरे में पढ़ाई में जुट जाती थी। उसने बताया कि उसे यह तो विश्वास था कि कालेज टॉप करेगी, लेकिन प्रदेश में भी प्रथम स्थान मिलेगा, विश्वास नहीं था। विषम परिस्थितियों में पली बढ़ी काजल की प्रथम इच्छा इंजीनियर और दूसरी इच्छा पायलट बनने की है। उसने जेईई मेंस का एग्जाम भी दिया है। हाईस्कूल की प्रदेश की मेरिट सूची में काजल ने 19वां स्थान प्राप्त कर सरकार ने उसे वर्ष 2013 में एक टैबलेट दिया है।

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