विदेश में रह रहे नागरिकों को भले ही अपने देश की मिट्टी की बहुत याद आती हो लेकिन यहां अगर साथ में उसका एक कण भी आ गया तो भारी जुर्माने का कारण बन जाता है। अपने देश के पर्यावरण के प्रति इस देश की सजगता आश्चर्य में डाल देती है।
जानिए, ऐसे देश के बारे में जहां भूल से भी पहुंच जाए दूसरे देश की मिट्टी तो हो सकती है कैद!
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एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी आगंतुक के जूतों में मिट्टी या धूल तक नहीं होनी चाहिए। किसी भी तरह का कोई खाद्य पदार्थ (बीज युक्त) जो इस देश में आकर उग सके उसे देश के भीतर नहीं आने दिया जाता। अधिकारी इसके लिए न केवल उच्च तकनीक एक्स-रे की मदद लेते हैं बल्कि प्रशिक्षित कुत्तों से यात्रियों के सामान को सुंघाकर कर तसल्ली भी करते हैं। ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही पिछले दिनों पहला सबक यही मिला।
अपने देश की खेती, पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जितने ज्यादा संवेदनशील हैं उतना अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देश भी नजर नहीं आते। जूतों में मिट्टी लगे होने पर न केवल जुर्माना बल्कि लंबी अवधि की कैद तक का भी प्रावधान है। पिछले वर्षों में हरभजन सिंह समेत कई भारतीय क्रिकेटर जुर्माना झेल भी चुके हैं। यूरोप में मैड काऊ रोग फैलने के बाद ये देश बेहद संवेदनशील हो गए यहां तक कि न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में तो फ्रूट फ्लाई पाए जाने पर महीनों प्रतिदिन छिड़काव किया जाता रहा।