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जानिए, ऐसे देश के बारे में जहां भूल से भी पहुंच जाए दूसरे देश की मिट्टी तो हो सकती है कैद!

Tue, 13 Mar 2018 07:29 AM IST
सिडनी से गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल
सिडनी से गिरीश रंजन तिवारी, अमर उजाला, नैनीताल Updated Tue, 13 Mar 2018 07:29 AM IST
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unknown fact about this famous foreign country
Australia

विदेश में रह रहे नागरिकों को भले ही अपने देश की मिट्टी की बहुत याद आती हो लेकिन यहां अगर साथ में उसका एक कण भी आ गया तो भारी जुर्माने का कारण बन जाता है। अपने देश के पर्यावरण के प्रति इस देश की सजगता आश्चर्य में डाल देती है।

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airport

एयरपोर्ट पर आव्रजन अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी भी आगंतुक के जूतों में मिट्टी या धूल तक नहीं होनी चाहिए। किसी भी तरह का कोई खाद्य पदार्थ (बीज युक्त) जो इस देश में आकर उग सके उसे देश के भीतर नहीं आने दिया जाता। अधिकारी इसके लिए न केवल उच्च तकनीक एक्स-रे की मदद लेते हैं बल्कि प्रशिक्षित कुत्तों से यात्रियों के सामान को सुंघाकर कर तसल्ली भी करते हैं। ऑस्ट्रेलिया पहुंचते ही पिछले दिनों पहला सबक यही मिला।

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थाने में बच्चे से थर्ड डिग्री

अपने देश की खेती, पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जितने ज्यादा संवेदनशील हैं उतना अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य यूरोपीय देश भी नजर नहीं आते। जूतों में मिट्टी लगे होने पर न केवल जुर्माना बल्कि लंबी अवधि की कैद तक का भी प्रावधान है। पिछले वर्षों में हरभजन सिंह समेत कई भारतीय क्रिकेटर जुर्माना झेल भी चुके हैं। यूरोप में मैड काऊ रोग फैलने के बाद ये देश बेहद संवेदनशील हो गए यहां तक कि न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में तो फ्रूट फ्लाई पाए जाने पर महीनों प्रतिदिन छिड़काव किया जाता रहा।

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- फोटो : demo
इस सबक के साथ ही दिमाग में यह सवाल उठता है कि अपनी सुरक्षा के प्रति बेहद सजग रहने वाले पश्चिमी देशों ने भारत को कैसे अपने खतरनाक और अजैविक कूड़े के भंडारण का एक सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। खासकर भारत के दक्षिणी राज्यों के बंदरगाहों पर तमाम विकसित देश हजारों टन कूड़ा प्रतिवर्ष भेज रहे हैं।

 
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biomedical waste
अनेक मौकों पर कस्टम अधिकारियों ने इसे पकड़ कर वापस भी भिजवाया है, लेकिन अनेक कारणों से हमेशा ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पाता है। इसकी वजह देश की तमाम छोटी और साथ में नामी कंपनियां तक हैं जो मामूली लाभ के लिए अपने उत्पादन के लिए कच्चे माल की आड़ में ऐसे खतरनाक कूड़े को आयातित कर लेती हैं। इनमें ई.कचरा,  रिसाइकल ना हो पाने वाले प्लास्टिक वेस्ट सहित प्रयुक्त डायपर और नैपकिन तक शामिल हैं। 

 
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