पर्यटन सीजन शुरू होते ही वीकेंड पर उत्तराखंड में मसूरी से लेकर नैनीताल तक पर्यटकों का हुजूम उमड़ा पड़ा। इससे मैदान से लेकर पहाड़ तक चारों तरफ सड़कों पर जाम लगा हुआ है। वहीं होटल से लेकर पार्किंग तक सब फुल हैं। लोगों को घर वापस जाने तक के लिए वाहन नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं जाम को खुलवाने में पुलिस के भी पसीने छूट रहे हैं।
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उत्तराखंड में जाम
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को भी भीमताल, भवाली, मुक्तेश्वर, रामगढ़, गरमपानी और नैनीताल में सैलानियों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी जाम से जूझते रहे। भीमताल में नगर पंचायत की पार्किंग फुल होने से वाहनों को एलपी इंटर कॉलेज में खड़ा कराया गया। शहर के तमाम होटलों के फुल होने के चलते सैलानी रात गुजारने को ठिकाने तलाशते रहे। जब उन्हें व्यवस्थाएं उपलब्ध नहीं हुई तो निराश लौट गए। लेक इन होटल भीमताल के मैनेजर जुबैर खान, लेक हेरिटेज होटल के मैनेजर विक्रम जीना, नौकुचियाताल रामा गुप्र होटल के आशु पाठक, भवाली के होटल व्यवसायी राजेंद्र प्रसाद कपिल ने बताया कि उनके होटल पैक हैं, जिसके चलते उन्हें सैलानियों को ना बोलना पड़ रहा है।
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नैनीताल फुल का लगा बोर्ड
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सरोवर नगरी नैनीताल में आने वाले वाहनों से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। वाहनों से निकलने वाला धुआं वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। वाहनों से नगर में ध्वनि प्रदूषण होता है। आए दिन वाहनों के क्लच प्लेट फुंकने से दुर्गंध फैलती है। वाहनों के कंपन से पहाड़ियां लगातार कमजोर हो रही हैं। बीते वर्ष माल रोड वाहनों के दबाव के चलते नैनी झील में समा गई थी।
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उत्तराखंड में जाम
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पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है। इसके चलते यहां होटल से लेकर पार्किंग तक सब पैक हो चुके हैं। रविवार को वीकेंड पर स्थिति और भी दूभर हो गई। घूमने जाने वाले और वहां से लौटने वाले वाहनों के कारण दून से लेकर मसूरी की सड़कें तक जाम हो गई। दून में राजपुर, जाखन में भारी जाम लगा रहा। साथ ही रास्ते में मालसी जू, शिव मंदिर और मसूरी के आसपास सड़कों पर वाहन छह से सात घंटे वाहन फंसे रहे। वाहनों के रेले के आगे पुलिस भी खासी बेबस नजर आई। रास्ते भर विभिन्न स्थानों पर तैनात पुलिसकर्मी सड़क पर सिर्फ डंडा पीटने के अलावा कुछ नहीं कर सके।
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उत्तराखंड में जाम
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वीकेंड पर ऋषिकेश में हमेशा की तरह लोगों को जाम से जूझना पड़ा। चार धाम यात्रा हेमकुंड साहिब यात्रा भी साथ ही चलने से कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हाईवे पर दिन भर वाहन रेंगकर चले। जाम से स्थानीय लोग सबसे ज्यादा त्रस्त रहे। सटीक रूट प्लान न होना मुसीबत का सबब बना रहा। जाम का आलम यह था कि चीला बैराज रूट पर भी वाहनों की लंबी लाइन लगी रही।