एचडीएफसी बैंक में चोरी करने के बाद बदमाश अचानक लाखों की रकम वहीं छोड़कर चले गए। आगे जानिए पूरा मामला...
बैंक में लूट के बाद पैसे बोरे में भरकर भागने लगे बदमाश, फिर हुआ कुछ ऐसा कि वहीं छोड़ गए लाखों की रकम
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सोमवार रात तीन चोरों ने एचडीएफसी बैंक के पिछले दरवाजे को तोड़कर 15 लाख की नकदी से भरे तीन बैग चुरा लिए। मोहल्ले में लोगों के जागने पर आरोपी नोटों से भरे बैग छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मोहल्ले में लगे सीसीटीवी की फुटेजों के आधार पर मुख्य आरोपी को चिह्नित कर उसके साथ ही उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
सोमवार देर रात रामपुर रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पीछे के दरवाजे का लॉक तोड़कर केबिन में रखे 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की गड्डियों से भरे बैग लेकर तीन चोर बाइक से फरार हो गए। मंगलवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे बैंक के पीछे मोहल्ला केशवनगर में बाइक खड़ी कर तीनों बातचीत कर रहे थे। आवाज सुनकर मोहल्ला निवासी गिरीश शर्मा ने छत पर चढ़कर आवाज दी तो चोर घबराकर बाइक स्टार्ट करने लगे। शक होने पर गिरीश अपने भाई हेमंत और पड़ोसी अरुण यादव के साथ युवकों को पकड़ने के लिए आए।
इस पर करीब नौ लाख रुपयों से भरे तीन बैग छोड़कर दो युवक बाइक से तो एक पैदल ही स्टेशन की ओर भाग गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने नोटों को कब्जे में ले लिया। सूचना पर बैंक पहुंचे अधिकारियों ने कहा कि बैंक से नोटों से भरे तीन बैग, सीसीटीवी और डीवीआर गायब है। प्रशिक्षु आईपीएस आयुष अग्रवाल, सीओ एमसी बिन्जौला, एसएसआई सुशील कुमार ने पुलिस टीम के साथ मौके पर जाकर पड़ताल की। मोहल्ले में लगे सीसीटीवी की फुटेजों के आधार पर एक आरोपी की पहचान बैंक के पूर्व सुरक्षाकर्मी तरसेम निवासी गांव गुमसानी के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने चोरी की बात कबूल करते हुए अपने दो साथियों प्रकाश कुमार निवासी गांव खेमपुर केलाखेड़ा और संजू निवासी गांव गुमसानी का नाम भी बताए, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तरसेम के घर से छह लाख रुपये के साथ एक तमंचा, प्रकाश के पास से चाकू और संजू से आलानकब बरामद किया। इधर, इस घटना के कारण मंगलवार को दिन भर बैंक बंद रहा। टीम में प्रभारी कोतवाल आयुष अग्रवाल, एसएसआई सुशील कुमार, एसआई पंकज जोशी, दिनेश भट्ट, दीपक जोशी, विपिन पांथरी, बालकृष्ण, रवि प्रताव, यतेंद्र रावत, मुनब्बर अली, विक्रांत कुमार आदि थे।