राजधानी स्थित किसी एक सैन्य संस्थान में आतंकी घुसने की सूचना पर पुलिस ने दिनभर उन्हें पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया। इस दौरान पुलिस ने बम डिस्पोजल स्क्वायड, डॉग स्क्वायड, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) के साथ सभी सैन्य संस्थानों के आसपास चेकिंग और कांबिंग की। सुबह साढ़े नौ बजे शुरू हुए ऑपरेशन में शाम चार बजे पुलिस को भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के टौंस सेक्टर के पास सफलता मिली। पुलिस ने यहां से चारों आतंकियों को जिंदा पकड़ लिया।
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मॉक ड्रिल: भारतीय सैन्य अकादमी में घुसे 4 आतंकी, कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने जिंदा पकड़े!
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 May 2018 06:17 AM IST
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mock drill in dehradun
- फोटो : amar ujala
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mock drill
दरअसल, पुलिस ने यह दौड़भाग एक मॉक ड्रिल के तहत की थी। मॉक ड्रिल के लिए आर्मी इंटेलीजेंस की सूचना को आधार बनाया गया था। इसमें जिला पुलिस ने अपने विभिन्न अंगों के साथ पुलिस और सेना के समन्वय को परखा। गुरुवार को सुबह साढ़े नौ बजे कंट्रोल रूम से एक सैन्य संस्थानों में से किसी एक में चार आतंकी घुसने का मैसेज फ्लैश किया गया था। इस सूचना पर पुलिस ने शहर के विभिन्न स्थानों (विशेषकर सैन्य संस्थानों के आसपास) पर सघन चेकिंग करना शुरू कर दी। पुलिस ने ऑप्टो इलेक्ट्रीकल, आईआरडीई, डील, सीक्यूआईए, आइएमए, ऑर्डिनेंस फैक्ट्री, वीरपुर, घंघोड़ा, गढ़ी कैंट, आरआईएमसी और एस्कॉन नोड कुल 11 जगह चेकिंग प्वाइंट बनाए गए थे। यहां सभी आने-जाने वाले वाहनों की चेकिंग की जा रही थी।
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इस दौरान घंघोड़ा, कैंट, रायपुर डील, क्वालिटी कंट्रोल लैब से सटे जंगलों में कांबिंग भी की। इसके बाद शाम करीब साढ़े तीन बजे कंट्रोल रूम पर एक दूसरा मैसेज फ्लैश हुआ कि आतंकियों को आइएमए के टौंस सेक्टर के बाहर देखा गया है। इस पर मॉक ड्रिल की ऑपरेशनल कमांडर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने सभी थानों और एटीएस को सशस्त्र मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनजर आइएमए से निकलने वाले तथा बाहरी क्षेत्र से पूरे ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया गया। इसके कुछ देर बाद ही आईएमए में घुसपैठ करने वाले चारों आतंकवादियों को जिंदा पकड़ लिया गया।
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आर्मी और पुलिस में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समन्वय की जांच इस मॉक ड्रिल से की गई थी। इस तरह की मॉक ड्रिल होती रहती हैं। आर्मी के ही एक इनपुट के आधार पर इस मॉक ड्रिल को किया गया था। इस दौरान ध्यान रखा गया था कि शहरवासियों को किसी प्रकार की समस्या न होने पाए। जनता को आखिर तक इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। ताकि, भय का माहौल न बने।
- एसएसपी निवेदिता कुकरेती(मॉक ड्रिल की ऑपरेशनल कमांडर)
- एसएसपी निवेदिता कुकरेती(मॉक ड्रिल की ऑपरेशनल कमांडर)
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हैरान रहे लोग
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस और क्यूटआरटी के जवान सशस्त्र खड़े होकर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान सभी दुपहिया और चौपहिया वाहनों की सघन रूप से चेकिंग की जा रही थी। यह सब देखकर लोग काफी देर तक हैरान भी रहे। लोगों ने कारण पूछना भी चाहा, लेकिन पुलिस ने उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी। शाम चार बजे ऑपरेशन खत्म होने के कुछ देर पहले आइएमए के सामने के ट्रैफिक को प्रेमनगर से डायवर्ट किया गया था। इस दौरान प्रेमनगर में करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। शाम चार बजे जब पुलिस ने ऑपरेशन खत्म होने की घोषणा की तब कहीं जाकर हाईवे से ट्रैफिक को सुचारू किया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस और क्यूटआरटी के जवान सशस्त्र खड़े होकर चेकिंग कर रहे थे। इस दौरान सभी दुपहिया और चौपहिया वाहनों की सघन रूप से चेकिंग की जा रही थी। यह सब देखकर लोग काफी देर तक हैरान भी रहे। लोगों ने कारण पूछना भी चाहा, लेकिन पुलिस ने उन्हें किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी। शाम चार बजे ऑपरेशन खत्म होने के कुछ देर पहले आइएमए के सामने के ट्रैफिक को प्रेमनगर से डायवर्ट किया गया था। इस दौरान प्रेमनगर में करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। शाम चार बजे जब पुलिस ने ऑपरेशन खत्म होने की घोषणा की तब कहीं जाकर हाईवे से ट्रैफिक को सुचारू किया गया।