श्रीलंका के खिलाफ 20 अगस्त से होने वाली वनडे सीरीज के लिए उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में मनीष पांडेय को भी इंडियन टीम में चुना गया है। मनीष पांडे आईपीएल में भी अपनी बल्ले की धमक दिखा चुके हैं। लेकिन उनके टीम में शामिल किए जाने के पीछे कहीं ये वजह तो नहीं...
पहले जान लेते हैं, उनके बारे में। पिता के आर्मी बैकग्राउंड में होने की वजह से मनीष की स्कूलिंग केंद्रीय विद्यालय से हुई। इस क्रिकेटर ने नौ वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। खास बात यह है कि उनके पिता ने उन्हें इस प्रोफेशन में काफी सपोर्ट भी किया है।
मनीष ने जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलते हुए अपना वनडे और टी-20 डेब्यू किया था। वे अपने इंटरनेशनल करियर में अब तक 12 वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने 1 सेन्चुरी और 1 हाफ सेन्चुरी लगाई हैं। आगे जानिए वह बात जब उन पर चार मैचों में बैन लगा दिया गया था...
IPL-4 यानी साल 2011 में मनीष पांडेय पर चार मैचों का बैन लगा दिया गया था। उन पर ये बैन उनकी फ्रेंचाइजी सहारा पुणे वॉरियर्स से मिली शिकायत के बाद लगाया गया था। पुणे की टीम में शामिल मनीष पर ये बैन इसलिए लगाया गया था, क्योंकि वे अपने एजेंट के जरिए अलग-अलग फ्रेंचाइजी से संपर्क करते हुए बेहतर डील तलाश रहे थे।
यदि बात करें IPL में नियमों की, तो अनकैप्ड प्लेयर्स (जो इंडिया के लिए नहीं खेले हों) की बेस प्राइज IPL गवर्निंग काउंसिल तय करती है और उसमें किसी तरह का मोलभाव नहीं होता। उस वक्त मनीष पांडेय का इंटरनेशनल डेब्यू नहीं हुआ था। जिसके बाद सहारा पुणे वॉरियर्स की गाइडलाइन्स तोड़ने के आरोप में उन पर चार मैचों का बैन लगा दिया गया था। आगे जानिए, मनीष फील्ड में बल्ले ही बातों से खूब परेशान करते हैं विरोधियों को...