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सरकार द्वारा जारी इस आदेश के बाद यहां सैकड़ों शिक्षकों को लगा बड़ा झटका

Fri, 27 Apr 2018 06:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 27 Apr 2018 06:59 AM IST
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teacher is in shock after this government order
teacher

स्कूलों में पढ़ाने के बजाय दूसरे संवर्ग में तैनात प्रदेश के सैकड़ों शिक्षकों को सरकार ने बड़ा झटका दिया है। करीब 500 शिक्षकों के डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) को सरकार ने निरस्त कर दिया है। साथ ही 31 मई 2018 तक डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को अपने मूल तैनाती स्थान पर कार्यभार करना होगा। बुधवार को सचिव विद्यालयी शिक्षा डॉ. भूपिंदर कौर औलख ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। आदेशों का अनुपालन न करने वाले शिक्षकों के जून का वेतन रोका जा सकता है।


 

teacher is in shock after this government order
टीचर - फोटो : Amar Ujala
राज्य के पर्वतीय जिलों के विद्यालयों में शिक्षकों की कमी के कारण शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट के चलते सरकार ने डेपुटेशन की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से निरस्त के आदेश जारी किए हैं। प्रदेश के विभिन्न स्कूलों से करीब पांच सौ शिक्षक ऐसे हैं, जो डेपुटेशन पर दूसरे संवर्ग में सेवाएं दे रहे हैं।

 
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teacher
उत्तराखंड शिक्षक (विद्यालयी शिक्षा) प्रथम नियुक्ति, पदोन्नति एवं स्थानांतरण पदस्थापना नियमावली-2013 के नियम-16 के तहत सेवा संवर्ग परिवर्तन अनुमन्य नहीं है। इससे नवंबर 2016 में शासनादेश जारी कर सेवा संवर्ग को अपरिवर्तित करते हुए शिक्षकों के व्यक्तिगत अनुरोध व उनकी पारिवारिक कठिनाइयों के समाधान के लिए अन्य संवर्ग में डेपुटेशन पर तैनाती दी गई।

 
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डेमो - फोटो : डेंमो
राजनीतिक सिफारिशों से प्रदेश के सैकड़ों शिक्षकों ने स्कूलों में पढ़ाने के बजाय दूसरे संवर्ग में डेपुटेशन ले लिया। इससे स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है, जबकि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है। सचिव विद्यालयी शिक्षा की ओर से जारी आदेश में प्रदेश के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 मई से पहले डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को मूल तैनाती स्थान के लिए कार्यमुक्त किया जाए। आदेशों का अनुपालन न करने पर उन्हें जून के वेतन का भुगतान नहीं किया जाएगा। 
 
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टीचर - फोटो : demo pic
शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार और विभाग का फैसला सराहनीय है, लेकिन इस आदेश को समान रूप से लागू किया जाए। इसमें पिक एंड चूज वाली स्थिति नहीं होनी चाहिए।
-डा. सोहन सिंह माझिला, प्रदेश महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ

प्राथमिक शिक्षक संघ की पहले से यह मांग रही है कि शिक्षकों से सिर्फ पढ़ाने का काम लिया जाए। वर्तमान में प्रदेशभर में करीब 500  शिक्षक डेपुटेशन पर दूसरे संवर्ग में तैनात हैं, जबकि स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं है। संघ की मांग है कि शिक्षकों को पढ़ाने के अलावा अन्य किसी प्रकार के कार्य की एनओसी न दी जाए।
- दिग्विजय सिंह चौहान, प्रदेश महासचिव, प्राथमिक शिक्षक संघ
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