21 जून को होने वाले सूर्य ग्रहण का दून समेत देशभर में असर देखने को मिलेगा। दोपहर में ही अंधेरा छाने का अनुमान है। इस तरह का सूर्य ग्रहण 1995 के बाद पहली बार पड़ रहा है।
सूर्य ग्रहण: 25 साल बाद बन रहा अद्भुत योग, दिन में ही छा जाएगा अंधेरा, इन बातों का रखें ध्यान...
आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार, इस सूर्य ग्रहण पर कंकणाकृति बनेगी। इसमें छह ग्रह वक्री रहेंगे। इनमें बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु आदि ग्रह शामिल हैं। यह योग अशुभ माना जाता है।
21 जून को सुबह 10.13 बजे से दोपहर 1.29 बजे तक ग्रहण रहेगा, जबकि सूतक 12 घंटे पहले यानी 20 तारीख की रात से शुरू होगा। सूतक काल में मंदिरों के कपाट बंद किए जाते हैं। इस समय कुछ खाना भी शुभ नहीं माना जाता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पेट पर गेरू का लेप (चावल का लेप) लगाए।
- ग्रहण के दौरान कुछ न खायें व बचा खाना जो ग्रहण काल में रखा हो, उसका इस्तेमाल न करें।
इन बातों पर भी दें ध्यान
- भारत में ग्रहण काल को अशुभ माना जाता है, इस दौरान किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं किया जाता।
- सूतक काल के दौरान मंदिरों को बंद रखें।
-खाने में तुलसी के पत्ते डाल दें। इससे खाने पर ग्रहण का असर नहीं होता है।