फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

सुभाष चंद्र बोस जयंती 2021 : नेताजी ने तीन माह दर्शन महाविद्यालय में किया था प्रवास, जाते समय दे गए थे एक खास चीज

Sat, 23 Jan 2021 03:35 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 23 Jan 2021 03:35 PM IST
विज्ञापन
Subhash Chandra Bose Jayanti: netaji stays three month in rishikesh this college, gave special thing
सुभाष चंद्र बोस - फोटो : Netaji Research Bureau

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1938 में दर्शन महाविद्यालय में तीन महीने तक साधना की थी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के दर्शन महाविद्यालय में साधना करने की सूचना के बाद टिहरी रियासत के तत्कालीन डिप्टी क्लेक्टर ने विद्यालय में छापा मारा था। लेकिन नेता जी उनके हाथ नहीं लगे थे। जाते समय नेताजी सुभाष चंद्र बोस दर्शन महाविद्यालय के संस्थापक रघवाचार्य महाराज को घड़ी दान देकर चले गए थे।

Subhash Chandra Bose Jayanti: netaji stays three month in rishikesh this college, gave special thing
सुभाष चंद्र बोस - फोटो : Netaji Research Bureau

दर्शन महाविद्यालय के अध्यक्ष बंशीधर पोखरियाल ने बताया कि टिहरी के राजा नरेंद्र शाह की ओर से दी गई भूमि पर एक विद्यालय स्थापित किया गया था। वर्ष 1919 में संस्कृत के विद्वान गोपीनाथ कविराज की ओर से शास्त्री की मान्यता दिलवाई गई। वर्ष 1938 में तीन महीने एक बंगाली साधक आए थे। वह योग और संस्कृति का अध्ययन करने के लिए कुटिया में अध्ययनरत थे।
 

Subhash Chandra Bose Jayanti: netaji stays three month in rishikesh this college, gave special thing
नेताजी सुभाष चंद्र बोस - फोटो : Social media

मुनिकीरेती क्षेत्र तब टिहरी रियासत का हिस्सा था। उस दौरान एक दिन टिहरी रियासत के डिप्टी क्लक्टर अचानक विद्यालय में स्वामी राघवाचार्य से भेंट करने के लिए पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने कुटिया में रह रहे साधकों को देखा और तुरंत वापस चले गए। अगले ही दिन वह दलबल के साथ विद्यालय में पहुंचे और सीधे साधक कुटिया की ओर निकल पड़े।
 

विज्ञापन
विज्ञापन
Subhash Chandra Bose Jayanti: netaji stays three month in rishikesh this college, gave special thing
एक घड़ी भी देकर गए सुभाषचंद्र बोस - फोटो : amar ujala

इस दौरान उन्होंने स्वामी राघवाचार्य से बंगाली साधक के बारे जानकारी हासिल की तो स्वामी ने बताया कि वह साधक रात को ही चले गए और जाते वक्त एक घड़ी भी देकर गए। रियायत के अधिकारियों ने स्वामी को बताया कि वह सुभाषचंद्र बोस थे, जिन्हें पकड़ने के लिए अंग्रेेजी शासकों का आदेश मिला था। 
 

विज्ञापन
Subhash Chandra Bose Jayanti: netaji stays three month in rishikesh this college, gave special thing
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का भावपूर्ण स्मरण किया गया - फोटो : amar ujala

1938 में अंग्रेज सरकार ने सुभाष चंद्र बोस को भारत आने की अनुमति दी थी। अधिकांश रजवाड़े अंग्रेजों का सहयोग करते थे। क्रांतिकारियों को कोई भी शरण देने के लिए डरता था। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की 125वीं जयंती को भाजयुमो चम्पावत इकाई द्वारा पराक्रम दिवस के रूप में मनाते हुए उनका भावपूर्ण स्मरण किया गया। भाजयुमो नगर अध्यक्ष गौरव पांडेय की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन हुआ। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed