ई-लर्निंग प्रोग्राम के तहत यहां सरकारी स्कूल के बच्चों को मजे-मजे में पढ़ाया तो बच्चों के समझ में भी आ गया। सरकार इस योजना को प्रभावी करने का विचार कर रही है।
बच्चों को मजे-मजे में पढ़ाया तो सब समझ में आ गया
राकेश खंडूड़ी/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 15 May 2017 11:05 AM IST
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