इस बैंक ने देश भर में स्थित अपनी शाखाओं में कई खास नियम बदल दिए हैं। अगर अभी तक आपने इन पर ध्यान नहीं दिया है तो मुश्किल से बचने के लिए ये खबर पढ़ें...
जानकारी के मुताबिक, एसबीआई अपने ग्राहकों को बचत खातों में न्यूनतम राशि रखने की सीमा को कम कर सकता है। इससे लोगों को काफी फायदा होगा। देहरादून के बैंक अफसर ने बताया कि अगर ऐसा होता है तो ये ग्राहकों के लिए नए साल की दूसरी सौगात होगी। इस पर विचार किया जा रहा है। लेकिन यह कब लागू होगा इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
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क्राइम
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वर्तमान समय में एसबीआई अपने ग्राहकों से उनके सेविंग अकाउंट में एक निश्चित मिनिमम बैलेंस न रखने पर शुल्क वसूल रहा है। बता दें कि, मेट्रो शहरों के लिए अपने खाते में 3000 रुपए का न्यूनतम बैलेंस रखना अनिवार्य है। वहीं सेमी अर्बन (अर्ध शहरी क्षेत्रों) इलाकों के लिए यह राशि 2,000 रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए इसकी राशि 1000 रुपए निर्धारित है।
वहीं एसबीआई ने बैंक की पांच सहायत बैंकों की शाखाओं की चैकबुक को एक जनवरी से बंद कर दिया है। स्टेट बैंक में विलय हुए पांच बैंक 'स्टेट बैंक ऑफ पटियाला', स्टेट बैंक ऑप बीकानेर एडं जयपुर, स्टेट बैंक ऑप त्रावणकोर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, और भारतीय महिला बैंक की चैकबुक अब नहीं चलेगी। इसके अलावा डेबिट कार्ड के साथ ही छोटी बचत योजनाओं, उर्वरक सब्सिडी के साथ ही कुछ और बदलाव होंगे।
नए साल से डेबिट कार्ड से दो हजार की खरीददारी पर कोई फीस नहीं लगेगी। 1 जनवरी से जब भी आप 2000 रुपये तक का सामान खरीदेंगे, तो आपको किसी भी तरह का एमडीआर चार्ज नहीं देना होगा। इसलिए सामान खरीदते समय जरूर ध्यान रखें कि कोई आप से अवैध वसूली तो नहीं कर रहा।