नोटबंदी से परेशान बुजुर्ग, निशक्त जन, मरीज, शादी वाले लोगों को राहत के लिए बैंकों में विशेष काम होगा। सुबह 9:30 बजे से 10 बजे तक ऐसे लोग अपने बैंक से पैसा निकाल सकते हैं। मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने बैंक अधिकारियों और जिलाधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए।
सीएम के निर्देश पर सोमवार को सचिवालय में यह बैठक बुलाई गई, जिसमें मुख्य सचिव में निर्देश दिए गए कि चूंकि जिला सहकारी बैंकों में किसानों के 500-1000 रुपये के नोट जमा नहीं हो पा रहे हैं, लिहाजा ऐसे किसानों के लिए पीएनबी, एसबीआई आदि पब्लिक सेक्टर के बैंकों में खाते खोले जाएंगे।
यहां जो पैसा किसान जमा करेंगे, उतनी नई करेंसी ही जिला सहकारी बैंकों को भेज दी जाएगी, ताकि प्रदेश के किसानों को परेशानी न हो। इसके अलावा बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीजों, निशक्त जनों, बुजुर्गों के लिए अलग से व्यवस्था करें। लिहाजा, सभी बैंकों में मंगलवार से सुबह 9:30 बजे से 10 बजे तक केवल इन लोगों को पैसा निकालने या जमा करने का मौका मिलेगा।
बैठक में आरबीआई के अधिकारियों ने बताया कि 2.50 लाख रुपये शादी के लिए निकालने को पैन कार्ड देना अनिवार्य होगा। इस पर मुख्य सचिव ने कहा कि सीएम के स्तर से केंद्र सरकार से आग्रह किया जा रहा है कि किसानों को पैन कार्ड की अनिवार्यता से अलग रखा जाए।
बैठक में सभी जिलाधिकारियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं कि वह आधार कार्ड बनवाने के लिए शिविर लगवाएं, ताकि लोगों को अपने खाते खुलवाने में दिक्कतें न आएं। उन्होंने कहा कि किसानों को बीज और खाद की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। सभी सरकारी करों, बिल, ड्यूटीज, रॉयल्टी आदि का भुगतान 1000 व 500 के नोट से किया जा सकता है।