पिछले दो दिन से उत्तराखंड में मौसम का मिजाज हर पल बदल रहा है। शुक्रवार को भी समूचे उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ ही ओलावृष्टि भी हुई। वहीं कई जगहों पर बर्फबारी से पहाड़ चांदी की चादर में लिपट गए।
शुक्रवार को भी केदारनाथ में तापमान में उतार-चढ़ाव होता रहा। पिछले डेढ़ वर्ष में यह पहला मौका है, जब एक ही दिन में पारा माइनस 6 से पहले सामान्य स्थिति में पहुंचा और कुछ ही समय में 19 डिग्री तक पहुंचा गया। वहीं, गिरकर फिर माइनस में आ गया। विशेषज्ञ मौसम के इस व्यवहार को जलवायु परिवर्तन के संकेत मान रहे हैं।
बीते दो दिन हुई बर्फबारी के बाद केदारनाथ में शीत लहर का प्रकोप होने से शनिवार सुबह 6 बजे तक तापमान माइनस 6 डिग्री था। दिन चढ़ने के साथ मौसम में होते सुधार के बीच प्रात: 9 बजे पारा शून्य डिग्री पर पहुंचते हुए दोपहर 12 बजे 6.8 डिग्री तक पहुंच गया था।
धाम में मौजूद निम के कैप्टन सोबन सिंह बिष्ट का कहना है कि बीते तीन वर्ष में यह पहला दिन था, जब तामपान में इस तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एचएनबी केंद्रीय विवि के भूगोल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डा. एमएस नेगी बताते हैं कि कुछ समय में ऊंचाई वाले क्षेत्र में तापमान में एकाएक 10 से 15 डिग्री की बढ़ोत्तरी असमान्य है।
होली से पहले मौसम ने प्रकृति संग बर्फ की होली खेली। ऊंची चोटियां बर्फ से लकदक हो गई। चकराता छावनी बाजार समेत आसपास के इलाकों में बर्फ की फुहारें गिरी हालांकि, कुछ ही देर में यह फुहारें पिघल गई। बर्फ गिरने से मौसम ठंडा हो गया है।