जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में आठ अगस्त को शहीद हुए पवन सिंह सुगड़ा का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार शाम यहां पहुंचते ही लोगों का सैलाब उमड़ गया। भीड़ के कारण पार्थिव शरीर को वाहन से उतारने में 15 मिनट का समय लग गया। भीड़ गम और गुस्से में थी। लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, पवन तेरा नाम रहेगा के नारों के साथ-साथ पाकिस्तान मुर्दाबाद के भी नारे लगाए।
J&K में शहीद भारत मां के बेटे की अंत्येष्टि में गूंजे पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे, तस्वीरें...
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शहीद का पार्थिव शरीर यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है। शुक्रवार सुबह पहले पार्थिव शरीर को शहीद के गांव सुगड़ी ले जाया जाएगा। उसके बाद अंतिम संस्कार के लिए सलाण घाट पर ले जाया जाएगा। पहले तय हुआ था कि शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर से आएगा। इसके लिए बुधवार का समय दिया गया था, लेकिन मौसम खराब होने के कारण हेलीकॉप्टर बरेली से उड़ान नहीं भर पाया। बृहस्पतिवार को भी मौसम खराब रहा और पार्थिव शरीर को बरेली से सड़क मार्ग से यहां लाया गया।
लोग सुबह से ही सेना के अधिकारियों के संपर्क में थे। बृहस्पतिवार शाम 6.50 बजे जैसे ही पार्थिव शरीर लेकर सेना का वाहन यहां पहुंचा तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस और सेना के जवानों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। थाना प्रभारी केसी आर्या पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। शाम 7.05 बजे पार्थिव शरीर को वाहन से उतारा गया और सिर्फ पांच मिनट के लिए स्टेशन में रोकने के बाद सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
बृहस्पतिवार सुबह वहीं से पार्थिव को सुगड़ा गांव ले जाया जाएगा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए लोग इस कदर बेताब थे कि महिलाएं, नौजवान, व्यापारी, कर्मचारी सभी एकत्र हो गए। प्रभारी जिलाधिकारी आशीष चौहान, एसडीएम वैभव गुप्ता, विधायक मीना गंगोला, पूर्व सैनिक संगठन के शेर सिंह बोरा, केशर सिंह समेत कई पूर्व सैनिक शहीद के अंतिम दर्शन के लिए उपस्थित रहे।
लोगों ने पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किए। पार्थिव शरीर को लेकर सेना के कर्नल भूपेश हाटा, ले. कर्नल जेम्स सेमुअल, मेजर केके मिश्रा, मेजर हिमांशु पंत, सूबेदार जगत सिंह, उमेद सिंह, नायब सूबेदार सुरेंद्र सिंह यहां पहुंचे हैं। 20 वर्षीय पवन को दुश्मन ने स्नाइप शाट मार दिया था। वह पिछले साल भर्ती हुए थे और मार्च में उनकी ट्रेनिंग पूरी हुई थी। शहादत की सूचना के बाद से ही पूरा गंगोलीहाट क्षेत्र और पिथौरागढ़ जिला शोक में डूबा हुआ है।