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भाई को गंगा में फेंकने के बाद बहन ने अपने बचाव के लिए गढ़ी थी ये कहानी, हैरानी में पड़ी पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 03 Dec 2019 09:48 AM IST
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सगे भाई को गंगा में फेंकने वाली शातिर बड़ी बहन ने परिवार के संपत्ति विवाद को भी हथियार बनाकर इस्तेमाल किया। दरअसल, अपने स्कूल के प्रधानाचार्य तक को सगी बहन ने ताई से अपने मासूम भाई की जान का खतरा होने की कहानी सुनाई थी। पुलिस की तफ्तीश में इस बात का भी पटाक्षेप हुआ है।
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कनखल के एक स्कूल में सातवीं कक्षा में अध्यनरत आरोपी बहन तीन माह से स्कूल नहीं जा पा रही थी। एक सप्ताह पूर्व उसे प्रधानाचार्य ने स्कूल बुलाकर न आने की वजह पूछी थी। खौफनाक साजिश का खाका दिमाग में बुन चुकी आरोपी बहन ने प्रधानाचार्य को एक मन गढ़त कहानी सुनाई। उसने भरोसा दिलाते हुए प्रधानाचार्य को यह बताया था कि उसकी ताई संपत्ति की खातिर उसके भाई की हत्या करना चाहती है, इसलिए वह स्कूल नहीं आ पा रही है।
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क्योंकि उसे भाई के साथ हर दम रहना पड़ता है। बकौल पुलिस उसने यह कहानी इसलिए गढ़ी थी कि हत्या का संदेह उसकी ताई पर ही जाए। क्योंकि वह जानती थी कि उसकी मां ताई से चिढ़ती है। सीधे सीधे शक उसकी ताई पर ही जाएगा। ऐसे में उसपर कोई संदेह भी नहीं करेगा। जांच में जुटी पुलिस जब स्कूल पहुंची तब यह हैरान कर देने वाली कहानी उनके सामने आई।
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भाई के कत्ल का इल्जाम सगी बहन पर था। लिहाजा परिजन इस हकीकत पर विश्वास नहीं कर रहे थे। इसलिए पुलिस ने परिजनों को विश्वास दिलाने की तरकीब निकाली। कोतवाली प्रभारी योगेश देव के कार्यालय में पर्दे के पीछे पिता को छिपा दिया गया। फिर किशोरियों को बुलाकर पूरे घटनाक्रम को बयां करने की बात कही। किशोरियों ने तुरंत पूरा घटनाक्रम बयां किया। इधर, कार्यालय के बाहर मौजूद रिश्तेदार भी कान लगाकर कबूलनामा सुनते रहे। किशोरियों को कार्यालय से वापस भेज देने के बाद पिता दहाड़ मारकर रो पड़ा।
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बेटी का कबूलनामा सुनकर अवाक रह गया पिता एकदम बेहोश हो गया। पुलिस उसे तुरंत एक अस्पताल लेकर पहुंची, जहां चंद मिनट बाद उसे होश आ गया। तब पुलिस ने राहत की सांस ली। इधर, पुलिस ने जब हिरासत में ली गई ताई को क्लीन चिट दी तो ताई भी लड़खड़ाकर गिर गई और बेहोश हो गई। उसे तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चंद मिनट बाद वह सामान्य हो गई।
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