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सिलक्यारा हादसा बना वरदान: श्रमिक को एम्स में मिला नया जीवन, पुष्कर को नहीं पता था दिल में बना है जन्म से छेद

Fri, 05 Jan 2024 02:17 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 05 Jan 2024 02:17 PM IST
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Silkyara Tunnel accident worker Pushkar gets new life in AIIMS Rishikesh congenital hole in heart
ऋषिकेश एम्स की टीम के साथ पुष्कर - फोटो : amar ujala

सिलक्यारा हादसा एक श्रमिक के लिए वरदान बन गया। 24 साल के पुष्कर को नहीं पता था कि उसके दिल में जन्म से ही छेद है। सिलक्यारा सुरंग से निकाले गए सभी श्रमिकों को जांच के लिए एम्स लाया गया था। इसी दौरान पुष्कर के दिल में छेद होने की रिपोर्ट आई।



पिछले वर्ष नवंबर माह में उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल हादसे में फंसे कुल 41 श्रमिकों में चम्पावत जिले का पुष्कर सिंह भी शामिल था। 29 नवम्बर को सभी श्रमिकों को रेस्क्यू कर जब एम्स ऋषिकेश पंहुचाया गया तो पुष्कर के स्वास्थ्य की भी चिकित्सकों द्वारा सघन जांच की गई थी।

स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान इको कार्डियोग्राफी करते समय मौके पर मौजूद कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. वरूण कुमार ने पाया कि पुष्कर के दिल में छेद है। यह समस्या जन्मजात रोग के रूप में थी। 24 साल का पुष्कर रोजगार की तलाश में चम्पावत से उत्तरकाशी पंहुचा था, लेकिन पुष्कर अपनी इस बीमारी से अनजान था।

पुष्कर के दिल में छेद होने का पता चलने पर एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ओपन हार्ट सर्जरी करने का निर्णय लिया। एक सप्ताह पूर्व उसकी सर्जरी कर दी गई। पुष्कर अब स्वस्थ है और शुक्रवार को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है। 

Silkyara Tunnel accident worker Pushkar gets new life in AIIMS Rishikesh congenital hole in heart
श्रमिक पुष्कर - फोटो : amar ujala

डाॅ. वरूण ने इस जानकारी को सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी से साझा किया। इसके अलावा संस्थान की निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने भी इस मामले पर गंभीरता बरती और पुष्कर के स्वास्थ्य के संम्बन्ध में चिकित्सकों से बराबर समन्वय बनाए रखा। पुष्कर की हिम्मत और एम्स के अनुभवी चिकित्सकों की मेहनत का परिणाम यह रहा कि बेहद जटिल रूप से की गई। पुष्कर के दिल की ओपन हार्ट सर्जरी पूर्ण तौर से सफल रही।   

Silkyara Tunnel accident worker Pushkar gets new life in AIIMS Rishikesh congenital hole in heart
aiims rishikesh - फोटो : amar ujala
एम्स के हार्ट एवं लंग्स सर्जरी (सी.टी.वी.एस.) विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी ने बताया कि यदि पुष्कर एम्स नहीं पंहुचता तो शायद उसे समय रहते पता नहीं चल पाता कि उसके दिल में छेद है। वह रोजगार के लिए गया तो उत्तरकाशी था लेकिन टनल में फंस जाने के कारण किस्मत उसे अन्य श्रमिकों के साथ एम्स ले आई।
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Silkyara Tunnel accident worker Pushkar gets new life in AIIMS Rishikesh congenital hole in heart
एम्स ऋषिकेश - फोटो : सोशल मीडिया

उन्होंने बताया कि जब सभी श्रमिकों को एम्स से डिस्चार्ज किया जा रहा था तो उस समय पुष्कर शारीरिक और मानसिक तौर से सर्जरी करवाने के लिए सक्षम नहीं था। इसलिए सर्जरी के लिए उसे दोबारा एम्स बुलाया गया। यह सर्जरी पिछले सप्ताह 28 दिसम्बर को की गई। 

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Silkyara Tunnel accident worker Pushkar gets new life in AIIMS Rishikesh congenital hole in heart
चिकित्सकों की टीम के साथ पुष्कर - फोटो : amar ujala

चम्पावत जिले के टनकपुर क्षेत्र के रहने वाले पुष्कर सिंह के इलाज के मामले में एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने भी व्यक्तिगत रूप से रूचि ली और चिकित्सकों का मार्गदर्शन किया। 

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