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श्रावण शिवरात्रि आज, असमंजस में न पड़ें इस मुहूर्त में करें भोले का जलाभिषेक

Thu, 09 Aug 2018 05:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 09 Aug 2018 05:59 PM IST
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sawan shivratri 2018 shubh muhurat
sawan puja in tapkeshwar temple - फोटो : rajeev gupta/ amarujala

सावन के महीने में शिवरात्रि का विशेष महत्व माना गया है। इस वर्ष सावन माह की शिवरात्रि पर खास योग बन रहा है। इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। 


 

sawan shivratri 2018 shubh muhurat
shivling - फोटो : amar ujala

श्रावण माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि कहा जाता है। इस दिन त्रयोदशी तिथि भी है जो रात 10 बजकर 45 मिनट तक है। इसके बाद चतुर्दशी तिथि लग जाएगी। मध्यरात्रि में चतुर्दशी तिथि होने से शिवरात्रि भी बृहस्पतिवार को भी मानी जाएगी। 

sawan shivratri 2018 shubh muhurat
tapkeshwar temple

इस दिन रात्रि जागरण और शिवजी की पूजा को मोक्षदायिनी माना गया है। इसलिए सावन के महीने में ही भक्त सबसे ज्यादा कांवड़ चढ़ाते हैं। संयोग की बात यह भी है कि इस दिन गुरुवार है और पुष्य नक्षत्र भी लग रहा है। इससे गुरु पुष्य योग भी बना रहा है।

 

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sawan shivratri 2018 shubh muhurat
shivling - फोटो : amar ujala

शिवरात्रि, त्रयोदशी और गुरु पुष्य योग, तीनों संयोगों के कारण इस साल सावन शिवरात्रि का खास महत्व है। इस दिन चंद्रमा का संचार मध्यरात्रि में कर्क राशि में होगा। इस समय शिवजी की पूजा से मानसिक बल बढ़ेगा। कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अच्छी होगी। सावन में एक ही दिन जब इतने खास योग बन रहे हों, तब सुबह उठकर स्नानादि कार्यों से निवृत्त होकर शिवजी की पूजा करें। शिवरात्रि शिव और शक्ति के मिलन का दिन है। इसलिए शिवजी के साथ माता पार्वती की भी पूजा करनी चाहिए।
 

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sawan shivratri 2018 shubh muhurat
shivling - फोटो : amar ujala

पूजा में शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग और फूल चढ़ाएं। कच्चा धागा लेकर शिव पार्वती के चारों ओर लपेटें और ओम नम: शिवाय मंत्र का जाप करें। इसके अलावा सावन मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन संध्या काल में शिवजी की पूजा और जलाभिषेक बहुत ही शुभ और फलदायी माना गया है। इस समय को प्रदोष काल माना गया है। इस समय भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं। इस समय शिवजी और देवी पार्वती की पूजा से मनोकामना पूरी होती हैं।  

 

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