दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पर तेल से भरे टैंकर ने सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन हाईवे किनारे जा पलटे। इस दौरान एक किशोर ट्रॉली और ट्रैक्टर के बीच फंस गया। हादसे के बाद हाईवे पर जाम लग गया। वहीं, वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा के चलते दिल्ली-हरिद्वार हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। रुड़की से लेकर मंगलौर तक दोनों तरफ वाहनों की कतारें लग गईं।
बता दें कि शनिवार रात करीब एक बजे हरिद्वार की ओर से तेल से भरा एक टैंकर रुड़की की ओर आ रहा था जबकि रुड़की की ओर से ट्रैक्टर-ट्रॉली हरिद्वार की ओर जा रहा थी। ट्रैक्टर पर चालक के अलावा रुड़की निवासी 16 वर्षीय समीर भी बैठा था। ट्रैक्टर जैसे ही हाईवे पर शनिदेव मंदिर के सामने पहुंचा तो सामने से आ रहे तेल से भरे टैंकर ने टक्कर मार दी, जिससे दोनों अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे जा पलटे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किशोर को लोगों की मदद से बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया।
वहीं, हादसे के बाद टैंकर से पेट्रोल रिसना शुरू हो गया, जिसे देखकर पुलिस के हाथपांव फूल गए। तेल रिसने से कोई हादसा न हो, इसे लेकर पुलिस ने हाईवे के रूट को कलियर गंगनहर की पटरी पर डायवर्ट कर दिया। करीब एक घंटे में रिसने वाला तेल जमीन के अंदर गया तो पुलिस ने राहत की सांस ली और हाईवे पर यातायात शुरू करवाया। एसपी देहात एसके सिंह ने बताया कि टैंकर से तेल रिसने से बड़े हादसे की आशंका थी। इसके चलते रूट डायवर्ट किया गया था। घायल के परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई की जा रही है।
जिस टैंकर से हादसा हुआ है, उसमें करीब दो हजार लीटर पेट्रोल था। टैंकर से तेल रिसता देख पुलिस ने चारों तरफ घेरा बना लिया ताकि कोई चिंगारी न पहुंच सके। जब तक पूरा तेल जमीन में नहीं चला गया, घेरा नहीं तोड़ा। इस बीच करीब एक घंटे तक खतरे की आशंका बनी रही।
उधर, वाल्मीकि जयंती पर शोभायात्रा के चलते भी हाईवे पूरी तरह जाम हो गया। रुड़की से लेकर मंगलौर तक दोनों तरफ वाहनों की लाइन लग गई। पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। इस दौरान वाहन स्वामियों से लेकर पुलिस तक के पसीने छूट गए।