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ऋषिकेश: हादसों का सबब बन रहे अति संवेदशील गंगा घाट, सात महीने में जान गंवा चुके 12 पर्यटक

Thu, 05 Aug 2021 10:56 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 05 Aug 2021 10:56 PM IST
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Rishikesh News: Highly sensitive Ganga Ghat becoming cause of accidents, 12 tourists Drowned into ganga in seven months
ऋषिकेश में गंगा घाट पर नहाते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

तीर्थनगरी ऋषिकेश में अति संवेदनशील गंगा तटों पर आए दिन पर्यटकों के डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं। लेकिन इसके बावजूद गंगा तटों पर चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। घाटों पर जल पुलिस टीम गश्त भी नहीं कर रही है। गंगा में बहने वाले अधिकांश पर्यटकों को निजी मोटर बोट संचालक ही रेस्क्यू कर रहे हैं।



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थाना मुनिकीरेती अंतर्गत शिवपुरी, ब्रह्मपुरी, नीमबीच, सच्चाधाम, पूर्णानंद घाट और थाना लक्ष्मणझूला अंतर्गत गोवाबीच, बॉबे घाट, संतसेवा घाट, किरमोलाघाट, भागीरथी, स्वर्गाश्रम गंगालाइन में पर्यटकों की भीड़ रहती है।

पर्यटक पक्के घाटों को छोड़ जान जोखिम में डालकर अतिसंवेदनशील घाटों पर स्नान करते हैं। स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से पर्यटकों को इन घाटों की ओर जाने से रोकने के लिए कोई सूचना बोर्ड चस्पा नहीं किया गया है। न ही यहां पर्यटकों को रोकने के लिए जल पुलिस के जवान तैनात हैं। नतीजन गंगा में डुबकी लगाने के लिए इन घाटों की ओर रुख करते हैं। स्नान के दौरान अपनी जान गंवा देते हैं। 

मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में वर्ष 2021 के सात महीने में 12 पर्यटकों की गंगा में डूबने से मौत हो गई है। जिसमें मुनिकीरेती क्षेत्र में आठ और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में चार पर्यटक डूब गए हैं। 

Rishikesh News: Highly sensitive Ganga Ghat becoming cause of accidents, 12 tourists Drowned into ganga in seven months
ऋषिकेश में गंगा में डूबे पर्यटकों की खोज में चला सर्च अभियान - फोटो : अमर उजाला

टिहरी और पौड़ी की सीमा को जोड़ने के लिए बीते तीन दशक से मुनिकीरेती स्थित शत्रुघ्न घाट से स्वर्गाश्रम के नावघाट तक बोट का संचालन होता है। बोट संचालक रामलाल शर्मा, बुद्धि गाइन, पूरण सिंह, चंद्रपाल नागर, शंकरी मजूमदार, मन्नी गाइन, निवाई मंडल और राजू रावत ने अब तक गंगा घाटों में डूब रहे हजारों पर्यटकों की जान बचाई है।

Rishikesh News: Highly sensitive Ganga Ghat becoming cause of accidents, 12 tourists Drowned into ganga in seven months
ऋषिकेश में गंगा मं अटखेलियां करते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

इन बोट संचालकों का कहना है कि उन्होंने अब तक कितने पर्यटकों की जान बचाई इसका उनके पास आंकड़ा ही नहीं है। लेकिन ये सच है कि उन्होंने अब तक हजारों पर्यटकों की जान बचाई है। कहा बोट के संचालन के दौरान गंगा घाटों और तटों पर पर्यटकों के डूबने से चीखपुकार मच जाती है। नजदीक होने के कारण वे लोग गंगा में डुबकी लगाकर उनकी जान बचाते हैं। 

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Rishikesh News: Highly sensitive Ganga Ghat becoming cause of accidents, 12 tourists Drowned into ganga in seven months
ऋषिकेश में गंगा मं अटखेलियां करते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

लक्ष्मणझूला स्थित संत सेवा आश्रम के समीप कुकरेजा कंपनी की स्पीड मोटर बोट का संचालन होता है। कंपनी स्वामी अंकुर कुकरेजा, अर्पित कुकरेजा और उनके कर्मचारी विशबंर, अनिल बंसल, संजय कश्यप और प्रिंस चावला ने भी हजारों पर्यटकों को गंगा में डूबने से बचाया है। इनका कहना है कि अधिकांश पर्यटक किरमोलाघाट और तपोवन स्थित सच्चाधाम आश्रम के समीप डूबते हैं। जिन्हें वे स्पीड बोट की मदद से बचाते हैं। अब तक कितने लोगों को बचाया है, उनके पास इनकी संख्या नहीं है। 

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Rishikesh News: Highly sensitive Ganga Ghat becoming cause of accidents, 12 tourists Drowned into ganga in seven months
ऋषिकेश में गंगा मं अटखेलियां करते पर्यटक - फोटो : अमर उजाला

मुनिकीरेती और लक्ष्मझूला में तीन गोताखोरों के भरोसे पर्यटकों की सुरक्षा हो रही है। मुनिकीरेती में दो गोताखोर, चार जल पुलिस और लक्ष्मणझूला में एक गोताखोर और छह जल पुलिस के जवान तैनात हैं। यहां लक्ष्मणझूला क्षेत्र में सीताघाट, नावघाट, लक्ष्मी नारायणघाट, गीताभवन घाट, साधुसमाज घाट, परमार्थ निकेतन घाट, वानप्रस्थ घाट और मुनिकीरेती क्षेत्र में शत्रुघ्नघाट, पूर्णानंद घाट, स्वामीनारायण घाट पर्यटकों के लिए सुरक्षित हैं। लेकिन उसके बावजूद भी पर्यटक पक्के घाटों को छोड़ अतिसंवेदनशील घाटों की ओर रुख कर रहे हैं। 

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