इलाज कराने आई एक महिला से दुष्कर्म और उसकी बेटी से छेड़छाड़ के आरोप में पुत्र के साथ गाजियाबाद पुलिस की गिरफ्त में आए कथित चमत्कारी बाबा आशु भाई गुरु के बारे में एक और जानकारी सामने आई है। आशु भाई का अब उत्तराखंड के काशीपुर से कनेक्शन सामने आया है। काशीपुर के मोहल्ला कटोराताल नई बस्ती में आशु गुरु की ससुराल है। आशु गुरु और उसका परिवार जहां अरबों का मालिक है, वहीं काशीपुर में उसके साले का परिवार मुफलिसी में दिन काट रहा है।
आशु गुरु के भक्तों की फेहरिस्त में काशीपुर और आसपास के क्षेत्रों के तमाम धनाड्य परिवार शामिल हैं। दिव्य शक्तियों से लोगों की किस्मत संवारने का दावा करने वाले रोहिणी (दिल्ली) निवासी आशु भाई गुरु , उनके पुत्र और एक अन्य साथी के खिलाफ एक महिला ने आठ सितंबर को दिल्ली के हौजखास थाने में दुष्कर्म और छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था।
बृहस्पतिवार रात दिल्ली पुलिस ने आरोपी बाबा और उसके पुत्र को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आसिफ खान उर्फ आशु बाबा का विवाह 30 वर्ष पूर्व मोहल्ला कटोराताल (काशीपुर) निवासी फहमिदा के साथ हुआ था। तब तक आसिफ वकालत करता था। इससे पूर्व वह ड्राइक्लीनर्स का काम भी कर चुका है। उसके पिता इदा खान सेना से रिटायर्ड थे। ढाई दशक पूर्व एक तांत्रिक के संपर्क में आने के बाद आसिफ भी लोगों को भविष्य बताने लगा।
आशु भाई गुरु की एक बेटी और एक बेटा डॉक्टर हैं। छोटी बेटी फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में जाना माना चेहरा है। दिल्ली के रोहिणी एवं हौजखास क्षेत्र में बाबा का भव्य आश्रम है। राधे मां से भी बाबा की नजदीकियां बताई गई हैं। आशु भाई के साले अखलाक ने कटोराताल के मकान का हिस्सा बेचकर मोहल्ला नईबस्ती में छोटा सा मकान बनाया है।
उस पर चार बेटियों व एक बेटे की जिम्मेदारी है। उसकी माली हालत ठीक नहीं है। रोजगार की तलाश में अखलाक को वतन छोड़ना पड़ा। वह अभी सऊदी में है। अखलाक की पत्नी सितारा बताती है कि आशुभाई बहुत ही मिलनसार स्वभाव के हैं। उनकी पत्नी व बच्चे यहां आते रहते हैं। शहर में उनके और भी कई रिश्तेदार है। पत्नी फहमिदा के नाम उन्होंने आंखों के अस्पताल के पास एक भूखंड भी खरीदा है।