परिवर्तन रैली में शामिल होने दून पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सेना और सीआरपीएफ के जांबाज अफसरों और सैनिकों के परिजनों से उनके आवास पहुंचकर मुलाकात कर सांत्वना दी। अमर शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट, मेजर विभूति ढौंडियाल व एएसआई मोहनलाल रतूड़ी के परिजनों से उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ है।
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देहरादून में राहुल गांधी की रैली
- फोटो : अमर उजाला
शहीद एएसआई मोहन लाल रतूड़ी के परिजनों से मुलाकात के दौरान राहुल ने कहा कि आतंकवादियों ने उनके पिता की भी जान ली थी। ऐसे में वह उनके दर्द को अच्छी तरह समझते हैं। इस दौरान राहुल खुद भी भावुक हो गए। अमर शहीद की वीर नारी संगीता, बेटी अनुसूइया, वैष्णवी, गंगा और बेटे शंकर और श्रीराम, बहन माया देवी को उन्होंने सांत्वना दी और एक-एक कर सबका हाल जाना।
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इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में भी पूछा। कहा कि वे मेहनत कर अपने पिता के सपनों को साकार करें। उसके बाद राहुल ने बच्चों के साथ फोटो खिंचवाई। 20 मिनट बाद वह काफिले के साथ मेजर विभूति ढौंडियाल के परिजनों से मिलने उनके घर के लिए रवाना हुए। अमर शहीद के परिजनों से मुलाकात के बाद जब राहुल बाहर निकले तो उन्होंने मौके पर जमा भीड़ को निराश नहीं किया। इस दौरान उन्होंने कई बच्चों से हाथ मिलाकर हालचाल पूछा। राहुल की इस मुलाकात से बच्चे गदगद नजर आए।
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जिस दौरान राहुल अमर शहीद मोहनलाल रतूड़ी के परिजनों से उनके घर में मुलाकात कर रहे थे। उस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत आसपास के घरों के सामने और छतों पर खड़े लोगों का अभिवादन कर रहे थे। एक समर्थक ने कहा कि वे राहुल का अभिवादन चाहते हैं तो उन्होंने कहा, समझ लो, राहुल ही अभिवादन कर रहे हैं। राहुल के रवाना होने के बाद मीडिया ने जब अमर शहीद की वीरनारी से उनकी मुलाकात को लेकर कुछ सवाल पूछने चाहे तो वे गुमसुम हो गईं। ऐसे में उनके पास बैैठे दामाद सर्वेश नौटियाल ने सवालों के जवाब दिए।
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पुलवामा में आतंकी हमले में शहीद हुए मेजर विभूति ढौंडियाल के परिजनों से भी राहुल गांधी ने मुलाकात की। शनिवार दोपहर तीन बजकर 53 मिनट पर वह नेशविला रोड स्थित 36 डंगवाल मार्ग शहीद मेजर विभूति के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से शोक संवेदना जताई। इस दौरान उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में हमारा परिवार आपके साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने परिजनों से शहीद मेजर विभूति के बारे में पूछा कि वह कैसे थे, सेना में कब गए, विभूति की शादी कब हुई के साथ ही परिवार के सदस्यों के बारे में जानकारी ली।