पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए मोहन लाल रतूड़ी ने अपने दामाद से कहा था कि देश की पूरी सेवा करके ही लौटेंगे। मोहन लाल रतूड़ी के दिलो-दिमाग में राष्ट्र भक्ति कूट-कूट कर भरी थी।
#Pulwama Attack: शहीद ने दामाद से कहे थे ऐसे शब्द, पढ़कर देशभक्ति से भर जाएगा रोम-रोम
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दामाद सर्वेश नौटियाल के मुताबिक परिवार चाहता था कि वे वीआरएस लेकर परिवार के साथ रहें, लेकिन उनके ससुर इसके लिए तैयार नहीं थे। कहते थे कि वो पूरी तरह फिट हैं, उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। वीआरएस लेने का तो सवाल ही नहीं उठता, वो तो पूरी सेवा करके ही लौटेंगे।
देहरादून के शहीद मोहनलाल रतूड़ी के परिजनों में आक्रोश है। आंखों से आंसू है, लेकिन दिल में गुस्सा है। शहीद का छोटा बेटा राम पिता की मौत का बदला लेना चाहता है। उसे सरकार से कहा कि अब बहुत हो गया है। दुश्मन के घर में घुसकर जवाब देना होगा।
राम केंद्रीय विद्यालय सीमाद्वार में 9वीं का छात्र है। राम ने बताया कि शुक्रवार को पिता की शहादत की सूचना मिली, लेकिन मां को नहीं बताया गया। उन्हें पापा के लापता होने की बात बताई गई थी।शहीद मोहन लाल रतूड़ी के छोटे बेटे राम रतूड़ी का कहना था कि वह नहीं, पूरा देश चाहता है कि सरकार पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब दे, ताकि आतंकी भविष्य में इस तरह की घटना को अंजाम देने का दुस्साहस ना कर सकें।
राम का कहना था कि पिता आखिरी बार गांव के एक काम के सिलसिले में बीती दिसंबर में कुछ दिनों के लिए आए थे। वो फरवरी में छुट्टी आने का वायदा करके गए थे, वो तो नहीं आए, लेकिन उनकी शहादत की खबर आ गई।