आवास विकास कॉलोनी में एलआईसी ऑफिस के पास सोमवार की रात दो पक्षों में जमकर पथराव हुआ था। इस घटना के बाद संस्थान की फजीहत से प्रबंधन तिलमिला गया है। मंगलवार को एम्स प्रशासन ने आरोपी छात्रों पर कार्रवाई कर दी। एम्स ने छह छात्रों को रस्टीकेट कर दिया है। अग्रिम आदेशों तक उनके संस्थान में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है।
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सड़क पर हंगामा करते एम्स के छात्र और स्थानीय लोग
दोनों पक्षों की ओर से करीब 400 लोगों को भगाने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं। बताया जा रहा है कि बवाल करीब दो घंटे चला। घटना में करीब दर्जन भर लोग जख्मी हुए थे। पुलिस ने मामले में तीन युवकों को हिरासत में लिया था। राजीव राणा की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर करीब 150 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। कोतवाल रितेश शाह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जाएगी।
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सड़क पर हंगामा करते एम्स के छात्र और स्थानीय लोग
तहरीर में राजीव राणा ने बताया कि रविवार की देर रात एम्स के कुछ स्टूडेंट्स कार से आकर डेयरी के पास रुके थे। आरोप है कि इस दौरान मेडिकल स्टूडेंट शराब पीकर जोर-जोर से हंगामा करने लगे। शोर सुनकर स्थानीय लोगों ने उन्हें रोकना चाहा तो बहस हो गई। करीब आधा दर्जन स्टूडेंट स्थानीय लोगों को ललकारने लगे।
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सड़क पर हंगामा करते एम्स के छात्र और स्थानीय लोग
मामला तूल पकड़ता देख स्थानीय कई युवक इकट्ठा हो गए, जिस पर छात्र मौके से चले गए। इसी का बदला लेने के लिए सोमवार रात करीब 8 बजे 100 से 150 की संख्या में एम्स स्टूडेंट बाइकों पर सवार होकर आ धमके। स्टूडेंट्सों ने दुकान में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। चीखपुकार सुनकर स्थानीय करीब 200 की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। दोनों ओर से हुुए पथराव में करीब दर्जन भर दोपहिया वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
बवाल की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। हमलावरों को भगाने के लिए पुलिस को कई बार लाठियां भांजनी पड़ीं। आखिरकार करीब 9 बजे मामला शांत हो पाया। कोतवाली पुलिस के मुताबिक तीन युवकों को हिरासत में लिया गया है, जिसमें एक स्थानीय जबकि दो मेडिकल स्टूडेंट हैं।