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उत्तराखंडः अल्मोड़ा में बादल फटने से मची तबाही, कुदरत के इस कहर से कई लोग हुए बेघर

Sat, 27 May 2017 05:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Sat, 27 May 2017 05:31 PM IST
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photos of cloudburst in almora uttarakhand 
uttarakhand

ग्राम पंचायत बिजरानी में बादल फटने के बाद उफनाए नाले से मची तबाही का मंजर गांव के लोग कभी नहीं भुला पाएंगे। खेत खलिहान, मकान और गोशालाएं बर्बाद होने के बावजूद कोई जन हानि नहीं होना, लोग इसे करिश्मा मान रहे हैं।

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शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्र में तबाही का मंजर देखने वालों की खासी भीड़ रही। चारों तरफ फैले मलबे के नीचे लोगों का कीमती सामान भी दबा हुआ है।बिजरानी में मोहन सिंह का मकान, गोशाला, मवेशी सब दफन हो गए तो लीलाधर जोशी के ढाबे के साथ ही शौचालय, बर्तन, फ्रिज और स्कूटी भी मलबे के ढेर में दबी हुई है।
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जमन सिंह की गोशाला बह गई है। गांव के ही कलम सिंह, हीरासिंह व आलम सिंह के मकान भी खतरे की जद में हैं। कुछ मकानों में दरारें पड़ी हैं। इन तीनों परिवारों ने गांव में अन्यत्र शरण ले रखी है।

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मुआयना करने पहुंचे राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा

photos of cloudburst in almora uttarakhand 

​बिजरानी के अलावा टटलगांव में भी तमाम लोगों के खेत रोखड़ में तब्दील हो गए हैं। इसके चलते काश्तकारों के सामने गंभीर चुनौती पैदा हो गई है। रिवाड़ी में जीवन सिंह अधिकारी का ढाबा भी रिवाड़ी नाले की जद में है। इस ढाबे में भी मलबा भर गया है। रिवाड़ी में लीलाधर, मोहन फल्कोटी व महेंद्र सिंह आदि के मकानों में भी मलबा भर गया है।

गजेंद्र सिंह के मकान के सामने की दीवार भी क्षतिग्रस्त हुई है। उपजिलाधिकारी गौरव चटवाल और तहसीलदार ओमवीर सिंह मौके पर जमे हैं। तहसीलदार ने बताया कि प्रभावित परिवारों को राशन उपलब्ध करा दिया गया है। राज्य सभा सांसद प्रदीप टम्टा ने भी प्रभावित क्षेत्र का मौका मुआयना कर प्रभावित परिवारों को सांत्वना दी है।      

तहसील प्रशासन की ओर से राजस्व निरीक्षक खीमानंद त्रिपाठी के नेतृत्व में राजस्व कर्मियों ने शुक्रवार को घर-घर जाकर नुकसान का आकलन किया। लोगों का कहना था कि जंगलों में आए दिन लगने वाली आग भी तबाही का एक बड़ा कारण है। पेड़ पौधों की कमी के चलते जंगलों का पानी सीधे बस्तियों में घुसकर तबाही मचाता है। गांव के लोगों का कहना है कि उन्होंने तबाही का ऐसा मंजर पहले कभी नहीं देखा।

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