योग गुरु स्वामी रामदेव ने कोरोनिल मामले में पूरे विवाद के पीछे ड्रग माफिया का हाथ होने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह लोग कोरोनिल वटी और श्वासारि वटी से घबरा गए हैं। क्योंकि पतंजलि की वजह से उनके अरबों रुपये के कारोबार की जड़ें हिल गई हैं।
यह बात उन्होंने बुधवार को पतंजलि योगपीठ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। उन्होंने पतंजलि की ओर से बनाई गई दवा कोरोनिल वटी और श्वासारि वटी पर पिछले सप्ताह भर से चल रहे विवाद को अब समाप्त होने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि उनकी दवा को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं है।
उन्होंने कहा कि अभी तो केवल कोरोना पर हमारे वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध का परिणाम सामने आया है तो दुनियाभर में तूफान आ गया। अभी हमारे पांच सौ से ज्यादा वैज्ञानिक हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, अस्थमा, हेपेटाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया आदि कई अन्य रोगों पर लगातार शोध कर रहे हैं। जल्दी ही इन सभी रोगों को भी क्लिनिकल ट्रायल के रिजल्ट के आधार पर खत्म करने के चौंकाने वाले परिणाम पतंजलि दुनिया के सामने रखेगी।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य अपना कारोबार बढ़ाना न तो पहले था और न कभी रहेगा। हमने तो केवल देश को रोग मुक्त बनाने की मुहिम शुरू की थी, उस पर आज भी कायम हैं। इसके लिए यदि हमारे खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं, जेल में डाल दिए जाए या देशद्रोही कहा जाए तो भी हमारा संकल्प कम होने वाला नहीं है। हम अपने संकल्प पर अडिग हैं और अधिक रहेंगे।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पहले दिन से ही पतंजलि योगपीठ यह है दावा करती रही है कि तीनों दवाइयां इम्यूनिटी सिस्टम को बढ़ाने के लिए हैं, लेकिन यह भी सत्य है कि इनके प्रभाव से मरीजों का कोरोना ठीक हुआ है और यदि मरीज ठीक हुए हैं तो उस बात को कहने में कोई गुरेज नहीं है।