राजधानी देहरादून से महज 20 किलोमीटर दूर स्थित गांव दूधली के युवक अजय की मुहिम रंग ला रही है। अजय की पहल पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने गांव को डिजिटल गांव बनाने के निर्देश दिए हैं।
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अब इसके तहत गांव को ऑप्टिकल फाइबर केबल से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद गांव के बच्चों को जहां ई एजूकेशन का लाभ मिलेगा वहीं ग्रामीणों को ई कॉमर्स, ई चिकित्सा जैसी सुविधाएं भी मुफ्त मिलेंगी।
दूधली निवासी समाजसेवी अजय कुमार लंबे समय से अपने करीब दस हजार की आबादी वाले गांव दूधली को डिजिटल गांव बनाने की मुहिम पर लगे हुए हैं। उन्होंने जून 2015 में प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर गांव को हाईटेक बनाने की मांग की थी।
पीएमओ की ओर से कार्रवाई की गई तो इस मुहिम में ग्रामीण विकास मंत्रालय, दूरसंचार मंत्रालय, आईटी मंत्रालय ने एक साथ काम शुरू कर दिया। आईटी मंत्रालय की ओर से गांव में ई लाइब्रेरी स्थापित की गई है।
दूरसंचार मंत्रालय के तत्वावधान में गांव में भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) ने ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम शुरू कर दिया है। अजय ने बताया कि जल्द ही गांव की सूरत बदलने वाली है।