वृद्धावस्था पेंशन योजना में पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने के लिए समाज कल्याण विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 15 अगस्त 2018 को इसकी घोषणा की थी।
अभी तक परिवार में पति-पत्नी के जीवित होने पर एक को ही पेंशन योजना का लाभ मिलता है। लेकिन अब सरकार दोनों बुजुर्ग दंपति को पेंशन की सुविधा देना चाहती है। जिससे प्रदेश में पेंशन धारकों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत का इजाफा होगा।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत
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प्रदेश सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत बुर्जुगों को प्रतिमाह 800 से 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देती है। इसमें 60 से 79 आयु वर्ग के बुजुर्गों को 800 रुपये और 80 साल से ऊपर को 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है।
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प्रतीकात्मक
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प्रदेश में वर्तमान में करीब साढ़े चार लाख पेंशन धारक हैं। समाज कल्याण विभाग ने अब मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार पति-पत्नी दोनों को पेंशन का लाभ देने से प्रदेश में पेंशन धारकों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। जिससे सरकार के खजाने पर सालाना 135 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार बढ़ेगा। विभाग के प्रस्ताव पर शासन में इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है। ( नोटः आप इन खबरों के बारे में और क्या जानना चाहते हैं)