इस बड़े बदलाव के बाद अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाना और भी आसान हो गया है। अधिक जानकारी के लिए अगली स्लाइड में क्लिक करें...
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। अब इसके बिना यह लाइसेंस नहीं बना पाएगा।
युवा और वीडियो गेम खेलने वाले यह टेस्ट आसानी से पास कर रहे हैं। हालांकि फेल होने वालों में ऐसे ज्यादा लोग हैं जो 45 की उम्र पार कर चुके हैं।
बता दें कि, सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट ठीक वीडियो गेम में कार चलाना जैसा है। कंप्यूटर और मोबाइल पर कार रेस खेलने वाले युवा इस टेस्ट को आसानी से समझ कर पास कर लेते है, लेकिन 45 पार उम्र के अधिकतर लोग इसमें फेल हो रहे हैं। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ में सिम्युलेटर ड्राइव टेस्ट देने से पहले वीडियो गेम या फिर मोबाइल पर कार रेस का अभ्यास करना होगा।
विभाग का मानना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं चालकों की गलती से होती हैं। यातायात नियमों की जानकारी न होना भी इसका अहम कारण है। इसके लिए कार ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया में सिम्युलेटर टेस्ट ड्राइव की अनिवार्यता कर दी गई है। इस टेस्ट को पास करने के बाद मैनुअल ड्राइविंग टेस्ट लिया जाता है। मैनुअल ड्राइविंग के लिए आरटीओ परिसर में ही कार चलानी पड़ती है।