नारायण दत्त तिवारी के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने के लिए सुबह से ही काठगोदाम सर्किट हाउस में लोगों का तांता लग गया। बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गज नेता राजनीतिक मतभेद भुलाकर नारायण दत्त तिवारी के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे। अंतिम दर्शन के दौरान पुलिस के जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। शव वाहन के पीछे पैदल चलने वालों के अलावा दोपहिया और कार सवारों की कतार लगी रही।
एनडी की अंतिम यात्रा में जुटे भाजपाई-कांग्रेसी, छलके नेता और लोगों के आंसू, तस्वीरें बेहद भावुक
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विकास पुरुष एनडी तिवारी की शव यात्रा सर्किट हाउस से रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट की ओर बढ़ रही थी। बल्यूटी गांव को जाने के लिए बन रहे मार्ग के पास पहुंचते ही बारिश होने लगी।। वर्ष 2006 में तिवारी ने सीएम रहते हुए बल्यूटी गांव जाने के लिए सड़क निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति दी थी।
चित्रशिला घाट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कबीना मंत्री यशपाल आर्य ने तिवारी के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। रावत और आर्या सर्किट हाउस से पूर्व सीएम के शव को ले जा रहे वाहन पर ही सवार थे। दोनों चित्रशिला घाट भी साथ ही साथ पहुंचे। वाहन पर पुत्र रोहित शेखर तिवारी, सांसद प्र्रदीप टम्टा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक रामसिंह कैड़ा, हरेंद्र क्वीरा आदि थे।
पिंड दान से लेकर गोदान तक की व्यवस्थाएं बल्यूटिया परिवार ने की। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय एनडी तिवारी के भतीजे संजय बल्यूटिया और दीपक बल्यूटिया भी सर्किट हाउस पहुंच गए। दोनों भाइयों ने अंतिम संस्कार के दौरान होने वाली सारी व्यवस्थाएं कराई। कुछ दिन पूर्व बल्यूटिया की सगी ताई का स्वर्गवास हुआ था। आज दसवां दिन पूरा होने पर परिवार के साथ पहुंचे।
सर्किट हाउस में प्रोजेक्टर के जरिये एलईडी स्क्रीन पर नारायण दत्त तिवारी के जीवन से जुड़ी स्मृतियों को दिखाया जा रहा था। इनमें एनडी तिवारी का इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, संजय गांधी के साथ चित्र, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के साथ चित्र, पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह तिवारी को शपथ दिलाते, रोहित और उज्ज्वला के साथ जीवन के चित्र, हेमवती नंदन बहुगुणा के साथ आंदोलन की यादें आदि दिखाई जा रही थीं। इन चित्रों के साथ-साथ पीछे से देशभक्ति के गीत बज रहे थे।