नवरात्रि में धर्मनगरी में कई घरों के आंंगन बेटियों की किलकारी से गूंजे। इस पावन पर्व पर बेटियों के जन्म से उत्साहित परिजनों ने कहा कि देवी मां उनके घर में स्वयं पधारी हैं। किसी ने बेटी के जन्म को लक्ष्मी का आगमन बताया तो किसी ने कहा कि उनके घर में साक्षात मां दुर्गा विराजमान हुई हैं। महिला अस्पताल में छह बेटियों ने अष्टमी पर जन्म लिया।
बेटों से अधिक अब बेटियों के जन्म पर झलकती खुशी की तस्वीरें समाज की बदलती सोच को दर्शा रही है। नवरात्रि पर धर्मनगरी में देवियों के जन्म से कई घर रोशन हुए हैं। महिला अस्पताल में छह बेटियों की अष्टमी के अवसर पर किलकारी गूंजी। इस दौरान अस्पताल में खुशी का जश्न मना।
बेटियों के जन्म पर परिजन यहां बेहद उत्साहित नजर आए। सबसे अधिक गौर करने वाली बात यह रही कि बहुओं की सास यानी दादियों ने पोतियों का दिल खोलकर स्वागत किया। अस्पताल में बेटियों के जन्म का यह उत्सव अपने आप अद्भुत था। यह तस्वीरें दिनभर चर्चा में रहीं।
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नवरात्रि पर जन्मी बेटियां, नवमी पर घर-घर पूजन
- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला की टीम ने जिला महिला अस्पताल में जन्मी बच्चियों के परिजनों से बात कर बेटियों के जन्म पर उनकी सोच को समझने का प्रयास किया।
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नवरात्रि पर जन्मीं बेटियां, नवमी पर घर-घर पूजन
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जिला अस्पताल में अपनी पत्नी के साथ पहुंचे हरीश वर्मा ने बताया कि आज के दौर में लड़कों से अच्छी लड़कियां हैं। लड़कियां भी आज हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर काम कर नाम कमा रही हैं। वह बच्ची के अष्टमी पर जन्म लेने से बेहद खुश हैं।
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नवमी पर कन्या पूजन
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हरीश वर्मा का कहना है कि उनके घर पर देवी आई है। महिला अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर मंजू ने बताया कि अष्टमी के दिन छह कन्याओं ने जन्म लिया। एक लड़के का भी जन्म हुआ है।
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नवमी पर कन्या पूजन
- फोटो : अमर उजाला
महिला अस्पताल में प्रीति देवी दुर्गा नगर, कीर्ति वर्मा राजा गॉर्डन, अमृता ज्वालापुर, अंजना बैराज कालोनी, करिश्मा शाहपुर ने बेटी को जन्म दिया।