22 साल बाद खोया हुआ बेटा अपने मां बाप से मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। लेकिन यह खुशी सिर्फ चंद लमहों की थी। बेटे की अचानक इस तरह मौत हो गई।
22 साल से लापता बेटे के घर पहुंचने की खुशी बलतिर निवासी माता-पिता एक पखवाड़े भी नहीं मना पाए थे कि बीमारी की हालत में घर पहुंचे बेटे इंद्रजीत की शनिवार को मृत्यु हो गई है। इकलौते पुत्र की मृत्यु से बुजुर्ग दंपति बदहवास हैं।
बलतिर निवासी रईस राम और कौशल्या देवी का बेटा इंद्रजीत कुमार (36) 14 वर्ष की उम्र में वर्ष 1996 में घर से चला गया था। इस बीच वह दिल्ली और मुंबई में रहा। इस दौरान उसका परिजनों से उसका कोई संपर्क नहीं रहा। पिछले माह 23 जनवरी को बीमारी की हालत में अचानक इंद्रजीत घर पहुंचा था।
22 साल से बिछड़े पुत्र को घर आया देख बूढ़े माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं था। माता-पिता ने बीमार पुत्र का इलाज कराकर उसकी शादी करने की ठानी थी। परिवार में खुशी का माहौल था। इस मामले को अमर उजाला ने 26 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
बताया जा रहा है कि माता-पिता इंद्रजीत को जिला अस्पताल लेकर गए। जांच के बाद सामने आया कि इंद्रजीत की दोनों किडनी खराब हैं। किडनी खराब होने की जानकारी मिलने के बाद इंद्रजीत के साथ ही उसके माता-पिता काफी परेशान थे। शनिवार को तड़के करीब 4 बजे इंद्रजीत की मृत्यु हो गई। इकलौते पुत्र की मौत से बुजुर्ग माता-पिता के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।